एक ही परिवार के तीन सदस्य, तीन सरकारी पदों पर चयनित—छैनाकछार के कौरव परिवार ने रचा सफलता का इतिहास
शिवानी कौरव CRPF में उप निरीक्षक (राजभाषा) बनीं, प्रशांत कौरव का जिला सहकारी बैंक में सोसाइटी प्रबंधक पद पर चयन; बड़े बेटे प्रमोद कौरव पहले से CAG में सहायक लेखा अधिकारी के पद पर दे रहे सेवाएं

सालीचौका, नरसिंहपुर। (अवधेश चौकसे)
कहते हैं कि प्रतिभा और मेहनत किसी बड़े शहर या संपन्न परिवार की मोहताज नहीं होती। यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो गांव की मिट्टी से निकलकर भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल नरसिंहपुर जिले के समीपस्थ ग्राम छैनाकछार के एक साधारण लघु कृषक परिवार ने पेश की है। इस परिवार के तीन सदस्यों ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रतिष्ठित शासकीय पदों पर स्थान प्राप्त किया है।
कौरव परिवार के छोटे बेटे प्रशांत कौरव का जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित नरसिंहपुर में सोसाइटी प्रबंधक के पद पर चयन हुआ है। वहीं परिवार की बहू शिवानी कौरव ने कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की संयुक्त हिंदी अनुवादक परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 160वीं रैंक हासिल कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में उप निरीक्षक (राजभाषा) के पद पर चयनित होकर परिवार का मान बढ़ाया है।
शिवानी कौरव मूलतः ग्राम बघौरा (इमलिया) की निवासी हैं। वे श्री अरविंद कौरव की सुपुत्री एवं श्री प्रमोद कौरव की पत्नी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
बड़े बेटे पहले से केंद्र सरकार में दे रहे सेवाएं
कौरव परिवार के बड़े बेटे प्रमोद कौरव भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पहले ही प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। उनका चयन सहायक लेखा अधिकारी (Assistant Accounts Officer) के पद पर हुआ था। वर्तमान में वे भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के अंतर्गत केंद्र सरकार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इस प्रकार एक ही परिवार के प्रमोद कौरव, प्रशांत कौरव और शिवानी कौरव ने अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर तीन प्रतिष्ठित सरकारी पदों तक पहुंच बनाई है। एक साधारण लघु कृषक परिवार के लिए यह उपलब्धि निश्चित रूप से गौरवपूर्ण है।
सीमित संसाधनों में बड़े सपनों को मिली उड़ान
इस परिवार की सफलता की सबसे खास बात यह है कि इसके पीछे कोई बड़ी आर्थिक संपन्नता या विशेष संसाधन नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समर्पण, माता-पिता के संस्कार, पारिवारिक सहयोग और वर्षों का कठिन परिश्रम है। तीनों की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है।
ग्रामीण युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा
छैनाकछार के कौरव परिवार की यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। खासकर शिवानी कौरव की सफलता ग्रामीण बेटियों को यह विश्वास दिलाती है कि मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर वे भी देश की प्रतिष्ठित सेवाओं में अपना स्थान बना सकती हैं।
कौरव परिवार की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से ग्राम छैनाकछार सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। क्षेत्रवासियों, शुभचिंतकों और परिचितों द्वारा तीनों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जा रही है।







