किशोर कुमार के जन्मदिन पर तराना म्यूजिकल ग्रुप की संगीतमयी श्रद्धांजलि, सदाबहार गीतों से झूमे श्रोता
स्वरांजलि कार्यक्रम में देर रात तक गूंजते रहे किशोर दा के अमर नगमे

गाडरवारा। हिंदी फिल्म जगत के महान पार्श्वगायक, अभिनेता और बहुमुखी प्रतिभा के धनी स्वर्गीय किशोर कुमार की जयंती पर नगर के पटेल वार्ड स्थित प्रेम कोरी के निवास पर संगीतमयी स्वरांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तराना म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, स्व. किशोर कुमार के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन, तिलक वंदन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद कलाकारों ने एक के बाद एक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नरेश कौरव ने “भोले ओ भोले” गीत से की। इसके बाद प्रेम कोरी ने “मेरे नैना सावन भादो”, चित्रदीप दुबे ने “चिंगारी कोई भड़के”, राजेश गुप्ता ने “रुक जाना नहीं तू कहीं हार के”, भूपेंद्र कौरव ने “जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर”, रमाकांत कौरव ने “पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले”, विनोद पटेल ने “सारा जमाना हसीनों का दीवाना” तथा कुंज बिहारी प्रजापति ने “मैं तेरा शहर छोड़ जाऊंगा” गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम में राजा साहू ने भी अपनी शानदार गायकी से समां बांध दिया। उन्होंने “ओ मेरे दिल के चैन”, “तेरे चेहरे में वो जादू है”, “चेहरा है या चांद खिला है”, “नीले-नीले अंबर पर”, “मार गई मुझे तेरी जुदाई”, “घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं मैं”, “यहां-वहां सारे जहां में”, “कभी बेकसी ने मारा”, “जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम”, “हमें तुमसे प्यार कितना”, “जीवन से भरी तेरी आंखें”, “दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा”, “पल-पल दिल के पास”, “आज रपट जाए तो” और “हाल क्या है दिलों का न पूछो” जैसे दर्जनों सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने प्रत्येक प्रस्तुति पर जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में लकी साहू, रीतेश मेहरा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के सफल संचालन में राहुल कोरी, ऋषभ कोरी एवं राघव कोरी ने साउंड व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली।
देर रात तक चले इस संगीतमय आयोजन के समापन पर सभी कलाकारों और उपस्थित संगीत प्रेमियों ने स्वर्गीय किशोर कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अमर गीतों को याद किया।







