गाडरवारा में अकीदत के साथ निकला मुकरबा शरीफ का चादर-संदल जुलूस, दरगाह पर चादरपोशी और भव्य लंगर
शहनाई की मधुर धुन और सूफियाना कलाम से गूंजा गाडरवारा, अमन-चैन और खुशहाली की मांगी गई दुआ

गाडरवारा। मुकरबा दरगाह शरीफ के उर्स मुबारक के अवसर पर नगर में अकीदत, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। उर्स के मौके पर दरगाह शरीफ से पारंपरिक चादर-संदल जुलूस बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और पूरे रास्ते सूफियाना माहौल बना रहा।
जुलूस की शुरुआत मुकरबा दरगाह शरीफ से हुई। सबसे आगे शहनाई की मधुर धुन और “या ताज के रखना लाज, तेरे दीवाने आए हैं” जैसे सूफियाना कलाम की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालु हाथों में इस्लामी परचम और चादर लेकर अदब के साथ जुलूस में शामिल हुए।
शक्ति चौक पर हुआ भव्य स्वागत
नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जुलूस का शक्ति चौक पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान एवं मुस्लिम विकास परिषद के अब्दुल फिरोज खान (बबलू) की विशेष उपस्थिति रही।
नौजवान कमेटी के सदस्यों ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर तबर्रुक वितरित किया। इस दौरान लकी अली, फारुख खान, इमरान ताजी, असबाब अली, बबलू राईन, राज ताजी, आमिर खान सहित हसनी हुसैनी सोसायटी के युवाओं ने पुष्प वर्षा कर जुलूस का स्वागत किया।
दरगाह पर चादरपोशी, फातेहा और अमन की दुआ
नगर भ्रमण के बाद चादर-संदल जुलूस पुनः मुकरबा दरगाह शरीफ पहुंचा, जहां कमेटी के सदस्यों ने हजरत की दरगाह पर अकीदत के साथ चादरपोशी की।
इसके बाद न्याज-फातेहा पढ़ी गई और देश-प्रदेश में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के बीच तबर्रुक वितरित किया गया।
लंगर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उर्स मुबारक के अवसर पर दरगाह परिसर में भव्य लंगर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया और दुआएं मांगीं।
मुकरबा दरगाह शरीफ कमेटी के सफदर खान ने बताया कि हजरत के उर्स मुबारक पर यह आयोजन हर वर्ष पूरे श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ किया जाता है। यह आयोजन गाडरवारा की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकरबा दरगाह शरीफ कमेटी के सभी सदस्यों एवं नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा।







