गाडरवारा में मोहर्रम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘या हुसैन’ के नारों से गूंजा नगर
ताजियों की जियारत के लिए उमड़ी भारी भीड़, जगह-जगह लंगर और शरबत का वितरण

गाडरवारा। नगर में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को धार्मिक आस्था, परंपरा और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया गया। यौम-ए-आशूरा के अवसर पर पूरे शहर में “या हुसैन, या हुसैन” के नारों की गूंज सुनाई दी। नगर के विभिन्न इमामबाड़ों से निकली ताजियों की सवारियां शहनाई की शहीदी धुन के साथ संजय मार्केट पहुंचीं, जहां बड़ी संख्या में जायरीनों ने ताजियों की जियारत कर अकीदत पेश की।
सुबह से ही शहर के अलग-अलग मोहल्लों और इमामबाड़ों से ताजिए एवं सवारियां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकलीं। दोपहर तक संजय मार्केट के सामने श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जायरीनों ने ताजियों पर इत्र, खुशबू और लोबान पेश कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की तथा रेबड़ी का तबर्रुक भी वितरित किया। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में ताजियों के दीदार के लिए पहुंचे और अपनी मुरादें मांगीं।
बाबाओं की आमद पर उमड़ी आस्था
मोहर्रम के दौरान बाबाओं की आमद श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में मुरादियों ने बाबाओं से मुलाकात कर प्याले नजर किए और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की दुआ मांगी। शहनाई की शहीदी धुन पर सवारियां नगर के प्रमुख दरगाहों और इमामबाड़ों में पहुंचकर हाजरी देती रहीं। पूरे माहौल में शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी की याद ताजा होती रही।
जगह-जगह लगा लंगर, शरबत का हुआ वितरण
मोहर्रम के अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर सेवा और सद्भाव का संदेश भी देखने को मिला। शुक्रवारा बाजार से लेकर संजय मार्केट तक तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर और शरबत की व्यवस्था की गई। शक्ति चौक पर हसनी-हुसैनी सोसायटी द्वारा विशाल आम लंगर का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। नगर में देर रात तक लंगर का सिलसिला जारी रहा।
मस्जिदों में अदा की गई यौम-ए-आशूरा और जुमे की नमाज
शहीदाने कर्बला की याद में नगर की सभी मस्जिदों में यौम-ए-आशूरा की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद, छोटी मस्जिद और फैजाने मदीना मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए। मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भरी रहीं और अमन, भाईचारे तथा इंसानियत के लिए विशेष दुआएं की गईं।
प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
मोहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। नगर के संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया। एसडीएम मणिन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रियंका नेताम, एसडीओपी ललित डागुर, नगर निरीक्षक अशोक चौहान सहित पुलिस, राजस्व और नगर पालिका के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
नगर पालिका परिषद द्वारा साफ-सफाई, चूने की लाइन, पेयजल एवं यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
रातभर लगा ताजियों का मजमा
बाद नमाज-ए-ईशा चावड़ी बारह भाई इमामबाड़ा परिसर में ताजियों का विशाल मजमा पूरी रात चलता रहा। बड़ेवली इमामबाड़ा परिसर में मंच से शहनाई की मधुर धुनें गूंजती रहीं और अकीदतमंदों ने शहीदी कलाम सुनकर हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया।
होगा ताजियों का विसर्जन
मोहर्रम की 11वीं तारीख को सुबह नया बस स्टैंड स्थित बाबली अखाड़ा दरगाह के पास सभी ताजिए एकत्रित होंगे। इसके बाद जुलूस के रूप में शक्कर नदी स्थित कर्बला शरीफ पहुंचकर परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ ताजियों का विसर्जन किया जाएगा।
जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान ने मोहर्रम पर्व के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका तथा सभी समाजजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गाडरवारा में मोहर्रम का पर्व हमेशा की तरह आपसी भाईचारे, अमन और इंसानियत के संदेश के साथ संपन्न हुआ।







