स्कूल से झूठ बोलकर बुलाया, जंगल में दुष्कर्म के बाद नाबालिग की हत्या
नरसिंहपुर पुलिस की रातभर चली कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार, SIT करेगी जांच; फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

गोटेगांव/नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल से झूठ बोलकर बच्ची को बाहर बुलाने, उसके साथ दुष्कर्म करने और बाद में हत्या कर शव जंगल में फेंकने के मामले में नरसिंहपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। रातभर लगातार सघन तलाशी अभियान, तकनीकी जांच और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पूरी रात चला सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार मासूम बच्ची स्कूल से लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने पूरी रात बच्ची की तलाश की। देर रात ग्राम के समीप जंगल में बच्ची का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्रित किए। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
SIT की निगरानी में होगी जांच
नरसिंहपुर पुलिस ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रकरण की विवेचना विशेष जांच दल (SIT) की निगरानी में कराई जाएगी। प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर जल्द से जल्द न्यायालय में चालान (अभियोग पत्र) प्रस्तुत किया जाएगा।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस जघन्य अपराध का प्रकरण फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। आरोपी को कठोर से कठोर सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी। पुलिस ने दोहराया कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इन अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता, थाना प्रभारी गोटेगांव निरीक्षक प्रदीप सराफ, निरीक्षक सौरभ पटेल, उप निरीक्षक राम रघुवंशी, विजय द्विवेदी, दिलीप सिंह, रोहित पटेल, प्रकाश पाठक, ऋषिराज रजक, जयवती कुड़ापे, सुमित तिवारी, सुरेश धुर्वे सहित प्रधान आरक्षक, आरक्षक एवं महिला आरक्षक दीपिका कहार ने बच्ची की तलाश, आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों के सहयोग की सराहना
नरसिंहपुर पुलिस ने इस मामले में ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने जांच में सक्रिय सहयोग दिया, जिससे आरोपी तक शीघ्र पहुंचना संभव हो सका। साथ ही पुलिस ने ग्रामवासियों द्वारा शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की भी प्रशंसा की।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्क रहें। विद्यालय आने-जाने के समय बच्चों पर निगरानी रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है। आगे की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







