गाडरवारा में मुकेश की 103वीं जयंती पर सजी सुरों की महफिल, स्वरांजलि कार्यक्रम में गूंजे सदाबहार नगमे
गाडरवारा में महान गायक मुकेश की 103वीं जयंती पर आयोजित स्वरांजलि कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने उनके सदाबहार गीत प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया।

गाडरवारा। हिंदी सिनेमा के सुर सम्राट और सदाबहार पार्श्व गायक मुकेश की 103वीं जयंती के अवसर पर बुधवार रात गाडरवारा में संगीत प्रेमियों ने भावभीनी स्वरांजलि अर्पित की। स्थानीय कलाकारों ने उनके अमर गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम में देर रात तक मुकेश के सदाबहार नगमे गूंजते रहे और श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
स्थानीय गायक अंचल तिवारी के फार्म हाउस पर आयोजित इस विशेष संगीत संध्या में जिलेभर से बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी एवं कलाकार शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुकेश के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
आर.एस. मेहरा ने किया शानदार आगाज
स्वरांजलि सभा की शुरुआत प्रसिद्ध गायक आर.एस. मेहरा ने की, जिन्हें अंचल में लोग स्नेहपूर्वक “मुकेश” के नाम से भी जानते हैं। उन्होंने “चल अकेला चल अकेला” और “ओ महबूबा तेरे दिल के पास ही मेरी मंजिल है” जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद अंचल तिवारी ने “आंसू भरी है ये जीवन की राहें” की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गायक गजेंद्र पंड्या ने “जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई” प्रस्तुत किया, जबकि सूरज मेहरा ने “धीरे रे चलो मोरी”, “आ लौट के आजा ओ जाने वाले” और “चंदन सा बदन” जैसे मधुर गीतों से समां बांध दिया।
वहीं पिंटू तिवारी ने “जाने चले जाते हैं कहां दुनिया से जाने वाले” और “सारंगा तेरी याद में” गाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
मुकेश के गीतों से महक उठी पूरी महफिल
कार्यक्रम में “तौबा ये मतवाली चाल”, “चांद सी महबूबा हो मेरी”, “जाने कहां गए वो दिन”, “तेरे होंठों के दो फूल प्यारे-प्यारे”, “ये मेरा दीवानापन है”, “फूल तुम्हें भेजा है खत में”, “दीवानों से ये मत पूछो”, “झूमती चली हवा” और “कहीं दूर जब दिन ढल जाए” जैसे सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने पूरी महफिल को मुकेशमय बना दिया।
‘मुकेश सिर्फ गायक नहीं, एक भावना थे’
कार्यक्रम में उपस्थित संगीत प्रेमियों ने कहा कि मुकेश केवल एक महान गायक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और नेकदिल इंसान भी थे। उनकी आवाज में दर्द, प्रेम और जीवन की सादगी झलकती थी, जो आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जीवित है।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों ने सामूहिक रूप से “कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है” गीत प्रस्तुत कर महान गायक मुकेश को भावभीनी स्वरांजलि अर्पित की।







