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Kareli News: शिक्षक समाज के मार्गदर्शक, उनके योगदान को सम्मान देना हमारा दायित्व : शिक्षक सम्मान समारोह

करेली में मणीनागेंद्र सिंह फाउंडेशन ने आयोजित किया शिक्षक सम्मान समारोह, क्षेत्र के शिक्षकों को किया सम्मानित

संवाददाता पूजा मालवीय

करेली। शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके समाज निर्माण में योगदान को रेखांकित करने के उद्देश्य से मणीनागेंद्र सिंह फाउंडेशन के तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थानीय स्वर्गीय महादेव प्रसाद तिवारी सामुदायिक भवन, सोमवार बाजार करेली में आयोजित हुआ। समारोह में क्षेत्र के अनेक शिक्षकों का सम्मान कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह में शिक्षकों के प्रति समाज की जिम्मेदारी और उनके महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल रहे मुख्य अतिथि

शिक्षक सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, जिला अध्यक्ष राम स्नेही पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष सुशीला ममार, उपाध्यक्ष अनीता नेमा, राहुल कौरव, बीना ओसवाल एवं मंडल अध्यक्ष जितेंद्र स्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अतिथियों के समारोह स्थल पर पहुंचने पर आयोजकों एवं उपस्थित लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। इसके बाद कार्यक्रम में क्षेत्र के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने शिक्षकों को सम्मान प्रदान करते हुए उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

शिक्षा के साथ संस्कार देने में शिक्षकों की अहम भूमिका

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक किसी भी समाज की मजबूत नींव होते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम और किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सही दिशा का ज्ञान भी प्रदान करते हैं।

एक विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने, सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षा का स्वरूप भले ही बदल रहा हो, लेकिन शिक्षक का महत्व कम नहीं हुआ है। तकनीक और आधुनिक संसाधनों के बढ़ते उपयोग के बावजूद विद्यार्थियों को सही दिशा देने और उनके व्यक्तित्व को आकार देने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।

शिक्षकों के सम्मान से बढ़ता है उनका उत्साह

समारोह में सम्मानित होने वाले शिक्षकों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला। अतिथियों द्वारा शिक्षकों का सम्मान किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। शिक्षकों ने भी इस सम्मान के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

उपस्थित लोगों ने कहा कि शिक्षक दिवस जैसे अवसर समाज को यह याद दिलाते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। शिक्षक द्वारा दिए गए ज्ञान और संस्कार जीवनभर व्यक्ति के साथ रहते हैं।

शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। शिक्षक ही नई पीढ़ी को तैयार करते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाती है।

शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर प्रतिभा को पहचानने के साथ-साथ उसे निखारने का कार्य भी करते हैं। ग्रामीण और छोटे शहरों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच भी विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास करते हैं। ऐसे शिक्षकों का सम्मान समाज में सकारात्मक संदेश देता है और अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

फाउंडेशन के आयोजन का उद्देश्य

मणीनागेंद्र सिंह फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना, उनके योगदान को पहचान देना तथा समाज में शिक्षक के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा।

आयोजकों ने कहा कि शिक्षक सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की ओर से उन शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम है, जो अपना महत्वपूर्ण समय विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में समर्पित करते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।

गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने का संदेश

समारोह के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षक के सम्मान की भावना विशेष रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। गुरु अपने शिष्य को केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उसे जीवन के संघर्षों के लिए तैयार करता है।

करेली में आयोजित इस शिक्षक सम्मान समारोह ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। समारोह का समापन शिक्षकों के प्रति सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

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