‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के छठे दिन झाबुआ पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान, 5300 नागरिकों को किया जागरूक
मानव श्रृंखला, नशा मुक्ति रथ, नुक्कड़ नाटक और डिजिटल अभियान के जरिए दिया नशामुक्त समाज का संदेश

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
झाबुआ। मध्यप्रदेश शासन के नशामुक्त समाज निर्माण के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 15 दिवसीय “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत झाबुआ पुलिस लगातार जनजागरूकता गतिविधियां संचालित कर रही है। अभियान के छठे दिवस पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर हजारों नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।
यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा तथा मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
मानव श्रृंखला बनाकर दिया नशामुक्ति का संदेश
अभियान के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सहभागिता से वृहद मानव श्रृंखला बनाई गई। इस दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और भविष्य को प्रभावित करता है।
सभी प्रतिभागियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
मिशन स्कूल में विद्यार्थियों को किया जागरूक
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने मिशन स्कूल, झाबुआ में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, भविष्य और सामाजिक जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई गई।

नशा मुक्ति रथ और डिजिटल अभियान से पहुंचाया संदेश
झाबुआ पुलिस की नशा मुक्ति जागरूकता टीम ने “नशा मुक्ति रथ” के माध्यम से गांवों, कस्बों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भ्रमण कर ध्वनि प्रसारण के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
इसके अलावा पुलिस टीमों ने जिलेभर में पेम्फलेट वितरण, पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शन, लघु फिल्मों का प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक तथा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से डिजिटल जागरूकता अभियान भी चलाया। इन कार्यक्रमों में युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे से बचाव तथा पुनर्वास संबंधी जानकारी दी गई।
30 कार्यक्रमों में 5300 नागरिक हुए जागरूक
झाबुआ पुलिस के अनुसार अभियान के छठे दिन जिलेभर में 30 जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 5300 नागरिकों ने भाग लिया।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करें तथा अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

झाबुआ पुलिस ने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान आगामी दिनों में भी जिलेभर में विभिन्न नवाचारों और जनसहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जारी रहेगा।







