मुंगवानी बना उत्सव का केंद्र, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहनों के खातों में डाले 1835 करोड़
“माताओं-बहनों का सम्मान हमारी सरकार का सबसे बड़ा संकल्प”, नरसिंहपुर से मुख्यमंत्री ने दिया महिला सशक्तिकरण और विकास का बड़ा संदेश

नरसिंहपुर जिले का मुंगवानी बुधवार को ऐतिहासिक जनसमूह, विकास घोषणाओं और महिला सम्मान के उत्सव का गवाह बना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय हितलाभ वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां हजारों की संख्या में पहुंचीं लाड़ली बहनों ने पूरे आयोजन को किसी बड़े पर्व जैसा बना दिया। मंच से मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त के रूप में 1835 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए। इसके साथ ही 296 करोड़ 34 लाख रुपये लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर नरसिंहपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात भी दी गई।
कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री के पहुंचते ही 51 लाड़ली बहनों ने कलश यात्रा के माध्यम से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता दिखाते हुए बहनों पर पुष्पवर्षा की और उन्हें साड़ियां भेंट कर सम्मानित किया। पूरे आयोजन में महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
“बहनों के बीच आकर ऐसा लग रहा जैसे कई त्योहार एक साथ मन रहे हों”
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार के लिए माताओं और बहनों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त बनाने का अभियान है।

मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा:
“नरसिंहपुर की इस पावन धरती पर बहनों के बीच पहुंचकर ऐसा महसूस हो रहा है मानो रक्षाबंधन, भाईदूज और दीपावली जैसे सभी त्योहार एक साथ मनाए जा रहे हों।”
उन्होंने कहा कि अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है और यह योजना प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
“अब महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रशासन, तकनीक, सुरक्षा और व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि:
- प्रदेश में 4 लाख से अधिक महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं
- रेडीमेड वस्त्र उद्योग में कार्यरत महिलाओं को 5 हजार रुपये सहायता दी जा रही है
- पुलिस विभाग में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है
- 34 लाख महिला कृषकों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ा जा रहा है
- 25 गाय या भैंस पालन करने वाले पशुपालकों को 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में इंडो-ब्राजीलियन नस्ल की “पुरनूर” गाय का पूजन भी किया और उसके बछड़ों को दूध पिलाया।
रानी दुर्गावती और आदिवासी वीरों को किया नमन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य को याद करते हुए कहा कि नरसिंहपुर की धरती उनके पराक्रम की गवाह रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जबलपुर और सिंग्रामपुर में विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित कर रानी दुर्गावती को सम्मान दिया।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी शहीद भभूत सिंह के योगदान का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार जनजातीय नायकों के सम्मान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं, “शक्कर का कटोरा” बताया नरसिंहपुर को
मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर जिले को “शक्कर का कटोरा” बताते हुए यहां के गन्ना उत्पादन की सराहना की। उन्होंने गाडरवारा की तुअर दाल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी पहचान देशभर में है।

उन्होंने कहा:
- प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना, सरसों, मसूर और उड़द की खरीदी कर रही है
- उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा
- मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक गेहूं खरीदी करने वाला राज्य बन चुका है
- किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अवधि 23 मई तक बढ़ाई गई है
सड़क हादसे में मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान और 25 हजार इनाम
मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के इलाज का 1.50 लाख रुपये तक का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
उन्होंने कहा कि:
“अब किसी घायल की मदद करने में डरने की जरूरत नहीं है।”
जो व्यक्ति गोल्डन आवर में घायल को अस्पताल पहुंचाएगा, उसे सरकार 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी।
जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती पर जोर
मुख्यमंत्री ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” का उल्लेख करते हुए कहा:
“जल है तो जीवन है, जल है तो खेती है और जल है तो समृद्धि है।”
उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
साथ ही रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग कर प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का संदेश भी दिया।
नरसिंहपुर जिले को मिली विकास की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
- मुंगवानी में नया कॉलेज खोला जाएगा
- बेलखेड़ी-बरहटा-मुंगवानी मार्ग पर शेढ़ नदी पर पुल बनेगा
- नरसिंहपुर में इंडोर-आउटडोर स्टेडियम का उन्नयन होगा
- हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान तैयार किया जाएगा
- ग्राम बुढ़ैना में बांध निर्माण होगा
इसके अलावा 296 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 40 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। इनमें:
- 215 करोड़ 65 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन
- 80 करोड़ 68 लाख रुपये के 23 कार्यों का लोकार्पण शामिल रहा
प्रदर्शनी में दिखा नवाचार और आत्मनिर्भरता का मॉडल
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने:
- गन्ने के अवशेषों से बने पर्यावरण अनुकूल प्लाईवुड
- चीचली की पीतल कला
- महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद
- “अभ्युदय नि:शुल्क कोचिंग” पहल
- समेकित नरवाई प्रबंधन मॉडल
का अवलोकन कर सराहना की।
महिलाओं ने “एक जिला एक उत्पाद” के तहत अरहर दाल से मुख्यमंत्री की तस्वीर भेंट की।
मेधावी छात्रों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को टैबलेट और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ट्रैक सूट दिए गए।
वहीं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को भी मंच से सम्मानित किया गया।
कई दिग्गज नेता और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति काकोड़िया, विधायक महेंद्र नागेश, विधायक विश्वनाथ सिंह पटेल, विधायक सिवनी श्री दिनेश राय, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री कैलाश सोनी, पूर्व विधायक श्री हाकम सिंह चढ़ार, श्री नरेश पाठक, श्रीमती साधना स्थापक, श्री रामसनेही पाठक, संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लाड़ली बहने मौजूद थी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाड़ली बहनों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की मौजूदगी ने इसे एक बड़े जनउत्सव का रूप दे दिया।







