क्राइममध्य प्रदेश

नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के म्यूल अकाउंट रैकेट का भंडाफोड़, नेपाल-लखनऊ तक जुड़े तार

नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 21 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का खुलासा

गोटेगांव / नरसिंहपुर। नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट के जरिए किए जा रहे करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का बड़ा खुलासा करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके तार मध्यप्रदेश से निकलकर लखनऊ, नेपाल और देश के कई राज्यों तक जुड़े पाए गए हैं। मामले में पुलिस ने आरोपी अभिषेक सिलावट को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में ही करीब 21 करोड़ 41 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आने से हड़कंप मच गया है।

“क्लेम की रकम आएगी” कहकर खुलवाया बैंक खाता

मामले की शुरुआत तब हुई जब नरसिंहपुर के महाजनी वार्ड निवासी अंकित सोनी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसके परिचित अभिषेक सिलावट निवासी बहोरीपार ने जुलाई 2025 में उसे बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा नरसिंहपुर में खाता खुलवाने के लिए राजी किया। आरोपी ने बहाना बनाया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और बीमा क्लेम की राशि खाते में आनी है।

शिकायत के अनुसार, खाते में आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी लिंक करवा दी। इसके बाद क्लेम प्रक्रिया का हवाला देकर अंकित को जबलपुर, लखनऊ और यहां तक कि नेपाल तक लेकर जाया गया। कुछ समय बाद पीड़ित को पता चला कि उसके खाते में करीब 2 करोड़ 52 लाख 83 हजार रुपये का लेनदेन हो चुका है, जबकि एटीएम कार्ड, चेकबुक और खाते का पूरा नियंत्रण आरोपी के पास था।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने तत्काल विशेष टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, साइबर इनपुट और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।

जांच में पता चला कि आरोपी को अपने खिलाफ शिकायत दर्ज होने की भनक लग चुकी थी और वह फरार होने की तैयारी में था। इसके बाद पुलिस ने बायपास क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी अभिषेक सिलावट को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के पास मिले बैंक दस्तावेज, ATM और चेकबुक

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—

  • बैंक पासबुक
  • चेकबुक
  • एटीएम कार्ड
  • लिंक मोबाइल नंबर से जुड़े दस्तावेज
    जब्त किए।

पुलिस अब विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी खाते में रकम आते ही उसे तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता था, ताकि लेनदेन की वास्तविक कड़ी छिपाई जा सके।

सिर्फ 17 दिनों में करोड़ों का खेल

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने मात्र 17 दिनों के भीतर एक ही खाते से करीब ₹2.52 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया। वहीं जिन तीन प्रमुख खातों की जांच की गई, उनमें कुल ₹21.41 करोड़ से अधिक का लेनदेन सामने आया है।

इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा उपयोग किए गए 11 बैंक खातों की जानकारी भी पुलिस को मिली है। इन खातों के जरिए पैसा अलग-अलग राज्यों और विदेश तक भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है।

नेपाल और कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

जांच में मिले इनपुट के अनुसार इस नेटवर्क के तार—

  • लखनऊ
  • नेपाल
  • महाराष्ट्र
  • दिल्ली
  • गुजरात
  • कर्नाटक
  • केरल
    तक जुड़े पाए गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड गिरोह सक्रिय होने की आशंका है।

आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 11 आपराधिक मामले

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अभिषेक सिलावट के खिलाफ देश के 6 राज्यों में पहले से कुल 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें साइबर धोखाधड़ी, वित्तीय अपराध और बैंक खातों के दुरुपयोग से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

साइबर अपराधों में “म्यूल अकाउंट” ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है जिनका उपयोग अपराधी अवैध पैसों के लेनदेन के लिए करते हैं। कई बार भोले-भाले लोगों को लालच या झूठे बहाने देकर उनके नाम पर खाते खुलवाए जाते हैं और फिर उन्हीं खातों से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया जाता है।

पुलिस को और बड़े खुलासों की उम्मीद

नरसिंहपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस अब बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।

इस कार्रवाई के बाद जिले में साइबर अपराध और फर्जी बैंक खातों के जरिए चल रहे नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।

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