सिवनी मालवा लूटकांड का खुलासा: रात के सन्नाटे में टूटा बुजुर्ग का भरोसा, CCTV और तकनीकी जांच से पुलिस ने दबोचे आरोपी
नर्मदापुरम पुलिस कप्तान के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

संवाददाता राकेश पटेल इक्का
सिवनी मालवा/नर्मदापुरम | रात शांत थी… घर की दीवारों के भीतर एक बुजुर्ग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी की तरह आराम कर रहा था। लेकिन कुछ ही मिनटों में वह सन्नाटा चीखों, डर और दहशत में बदल गया।
सिवनी मालवा के वार्ड नंबर 7 स्थित शिवपुर रोड पर रहने वाले 60 वर्षीय रामभरोस जाट के घर में तीन नकाबपोश बदमाश घुस आए। धारदार हथियार दिखाकर बदमाशों ने वृद्ध को डराया, उनके साथ मारपीट की और घर में रखी नकदी व जेवरात लूटकर अंधेरे में फरार हो गए।
यह सिर्फ एक लूट नहीं थी…
यह उस भरोसे पर हमला था, जो हर इंसान अपने घर की चारदीवारी पर करता है।
6 मई की रात हुई थी वारदात
घटना 6 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। रामभरोस जाट अपने घर में आराम कर रहे थे, तभी तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाश अचानक घर के अंदर घुस आए।
बदमाशों ने छुरा दिखाकर वृद्ध को धमकाया, मारपीट की और घर में रखे 10 हजार रुपये नकद सहित सोने-चांदी और बेन्टेक्स के आभूषण लूटकर फरार हो गए।
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 312/26 के तहत धारा 331(6) और 309(6) BNS के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने केस को चुनौती की तरह लिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम सांई कृष्णा (भापुसे) के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिवनी मालवा सुधाकर बारस्कर ने अलग-अलग टीमें गठित कीं।
पुलिस ने वारदात स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। हर छोटे सुराग को जोड़ते हुए पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई।
पूछताछ में टूट गए आरोपी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेही आशीष कटारे और अनिल बाथव उर्फ लूखा को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने लूट की वारदात कबूल कर ली।
गिरफ्तार आरोपी
- आशीष कटारे पिता गोवर्धन कटारे, निवासी सिवनी मालवा
- आरोपी पर पहले से चोरी और मारपीट के 5 मामले दर्ज हैं।
- अनिल बाथव उर्फ लूखा पिता राजेश बाथव, निवासी सिवनी मालवा
- आरोपी पर पहले से 1 आपराधिक मामला दर्ज है।
फरार आरोपी
- अनिल बाथव पिता राम बाथव
- पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
लूटा गया सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- वारदात में प्रयुक्त छुरा
- 7 हजार रुपये नकद
- चांदी के जेवर
- बेन्टेक्स के आभूषण
- सोने की अंगूठी
बरामद कर ली है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 5 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर, उपनिरीक्षक नागेश वर्मा, सउनि बलराम सिरसाम, प्रधान आरक्षक प्रीतम बाबरिया, अशोक चौहान, आरक्षक कपिल जाट, केतन, गौरीशंकर, अर्जुन, महिला आरक्षक आरती तथा साइबर सेल के आरक्षक संदीप यदुवंशी और दीपेश सोलंकी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
“यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं… भरोसा लौटाने की कोशिश भी है”
जिस समय पीड़ित परिवार डर और सदमे में था, उस समय पुलिस की तेज़ और संगठित कार्रवाई ने न सिर्फ अपराधियों तक पहुंचने का काम किया, बल्कि लोगों के मन में कानून के प्रति भरोसा भी मजबूत किया।
हालांकि एक आरोपी अब भी फरार है, लेकिन पुलिस की सक्रियता यह साफ संकेत दे रही है कि यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई।







