जब अपनों ने छोड़ा सहारा, तब वर्दी बनी सहारा… अंधी वृद्धा को गोद में उठाकर ले गई साँईखेड़ा पुलिस
गंदगी, अंधेरा और बेबसी… फिर फरिश्ता बनकर पहुंची साँईखेड़ा पुलिस,महिला SI वर्षा धाकड़ ने वृद्धा को गोद में उठाया, इंसानियत को सलाम कर रहा पूरा नरसिंहपुर

साँईखेड़ा/ गाडरवारा। नरसिंहपुर जिले के ग्राम तूमड़ा से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की पहचान भी है।
जहां अक्सर पुलिस पर सवाल उठते हैं, वहीं थाना साँईखेड़ा की महिला उपनिरीक्षक वर्षा धाकड़ और उनकी टीम ने ऐसा कार्य किया, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति को भावुक कर दिया।
पुराने बंद कमरे में मिली जिंदगी से हार चुकी वृद्धा
ग्राम पंचायत के एक पुराने और जर्जर कमरे में, चारों ओर फैली गंदगी और अंधेरे के बीच एक खटिया पर पड़ी थीं लगभग 75 वर्षीय सब्बो बाई पति स्वर्गीय रामरतन पटैल।
दोनों आंखों से दृष्टिहीन, कमजोर और पूरी तरह असहाय। हालत इतनी खराब थी कि वह खुद से उठ भी नहीं पा रही थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से उनका कोई देखभाल करने वाला नहीं था और वे बेहद दयनीय परिस्थितियों में जीवन गुजार रही थीं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
11 मई को निर्भया मोबाइल को सूचना मिली कि ग्राम तूमड़ा में एक वृद्ध महिला बेहद खराब हालत में रह रही हैं। सूचना मिलते ही थाना साँईखेड़ा पुलिस बिना देर किए मौके पर पहुंची।
जब पुलिस टीम ने वहां का दृश्य देखा तो सभी भीतर तक झकझोर उठे। लेकिन सिर्फ संवेदना दिखाकर लौट जाने के बजाय पुलिस ने तुरंत मदद का फैसला लिया।
पहले भोजन कराया, फिर नए कपड़े पहनाए
थाना प्रभारी निरीक्षक संधीर चौधरी के निर्देशन में महिला उपनिरीक्षक वर्षा धाकड़, आरक्षक दिनेश पटैल और निर्भया मोबाइल स्टाफ ने सबसे पहले वृद्ध महिला को भोजन कराया। इसके बाद उनके लिए नए कपड़ों की व्यवस्था की गई।

लेकिन सबसे भावुक पल तब आया, जब महिला उपनिरीक्षक वर्षा धाकड़ और उनकी टीम ने वृद्धा को अपनी गोद में उठाकर वाहन तक पहुंचाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गया।
सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाई गई वृद्धा
पुलिस टीम ने तुरंत रायसेन जिले के बाड़ी स्थित “टीम पहल सेवा आश्रम” से संपर्क किया और वृद्ध महिला को वहां सुरक्षित भर्ती कराया, जहां अब उनकी देखभाल और उपचार किया जाएगा।

“पुलिस सिर्फ डंडा नहीं, सहारा भी है”
अपनी संवेदनशील कार्यशैली के लिए पहचानी जाने वाली महिला उपनिरीक्षक वर्षा धाकड़ ने इस घटना से यह संदेश दिया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सबसे बड़ा सहारा भी बन सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्रभर में नरसिंहपुर पुलिस की सराहना हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिस टीम के इस मानवीय चेहरे को सलाम कर रहे हैं।







