श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर झूम उठा कथा पंडाल, भक्ति रस में सराबोर हुए श्रद्धालु
ग्राम झकनवाड़ा में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह की मनोहारी झांकी ने मोहा मन

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
झकनवाड़ा। ग्राम झकनवाड़ा स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन, सोमवार 21 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। राष्ट्रीय भागवताचार्य पंडित नेमिष्य नारायण व्यास ने कथा के दौरान रुक्मिणी जी के अटूट प्रेम, समर्पण और भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
रुक्मिणी विवाह की झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। विवाह प्रसंग के दौरान पूरा कथा पंडाल ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गूंज उठा।
भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। विशेष रूप से “आओ मेरी सखियों, मुझे मेहंदी लगा दो, मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो” भजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ कथा का शुभारंभ
कथा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन एवं व्यासपीठ वंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान करने के लिए आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे। इसके चलते आयोजन स्थल पर देर शाम तक भक्तों की भीड़ बनी रही।
कथा आयोजन को सफल बनाने में कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। समापन अवसर पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं विश्व कल्याण की कामना की गई।







