गाडरवारा पहुंचे बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया, जिनवाणी की महत्ता पर दिया प्रेरणादायी संदेश
जबलपुर से पदयात्रा करते हुए गाडरवारा पहुंचे बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया का तारण तरण समाज ने भव्य स्वागत किया। उन्होंने जिनवाणी की महत्ता बताते हुए आत्मकल्याण का संदेश दिया।

गाडरवारा। आचार्य प्रवर संत तारण तरण मण्डलाचार्य महाराज के परम साधक बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया का गुरुवार को गाडरवारा आगमन हुआ। जबलपुर से पदयात्रा करते हुए उनके नगर आगमन पर सकल तारण तरण समाज के श्रद्धालुओं ने स्थानीय पलोहा नाका पर भव्य अगवानी कर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।
बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया के स्वागत के लिए समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। जयघोष और मंगल गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया। नगर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
स्वागत उपरांत बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया श्री संत तारण तरण दिगम्बर जैन चैत्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश प्रदान किया। अपने प्रेरणादायी प्रवचन में उन्होंने जिनवाणी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल जिनवाणी की परिक्रमा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें निहित ज्ञान को जीवन में आत्मसात करना अधिक आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दर्पण हमें हमारा बाहरी स्वरूप दिखाता है, उसी प्रकार जिनवाणी हमें अपनी आत्मा का वास्तविक बोध कराती है। जिनवाणी मनुष्य को आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाती है।
बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे देव, गुरु और शास्त्र द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक बनाएं तथा आत्मकल्याण का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके सिद्धांतों को आचरण में उतारना ही सच्ची साधना है।
प्रवचन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने जिनवाणी के संदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धार्मिक मंगलभावनाओं एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना के साथ हुआ।
बाल ब्रह्मचारी वैराग्य भैया के आगमन से गाडरवारा के तारण तरण समाज में विशेष उत्साह का वातावरण देखा गया और श्रद्धालुओं ने इसे अपने लिए सौभाग्यपूर्ण एवं प्रेरणादायी क्षण बताया।







