गाडरवारा: ट्रेन में चोरी के मामलों में महीनों बाद भी सुराग नहीं, जीआरपी-आरपीएफ की कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़ित यात्रियों ने जताई नाराजगी, कहा- शिकायत के बाद भी नहीं मिला न्याय, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

गाडरवारा। इटारसी-जबलपुर रेलखंड पर ट्रेनों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी की वारदातों के कई महीने बीत जाने के बावजूद जीआरपी (Government Railway Police) और आरपीएफ (Railway Protection Force) के हाथ अब तक खाली हैं। पीड़ित यात्रियों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस की ओर से न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही चोरी गया सामान बरामद किया जा सका।
पीड़ितों का कहना है कि इटारसी से जबलपुर के बीच ट्रेनों में नियमित गश्त और सघन जांच अभियान नहीं चलाए जाते, जिससे चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उनका सवाल है कि जब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे एवं आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, तो चोरी की घटनाओं की जांच में इनका प्रभावी उपयोग क्यों नहीं किया जाता।
जनरल कोच में महिला यात्री का पर्स चोरी
गाडरवारा निवासी श्रीमती शबनम कुरैशी (56 वर्ष) ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को वह अपने पति राशिद कुरैशी के साथ ट्रेन क्रमांक 22187 डाउन रानी कमलापति-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच से गाडरवारा से जबलपुर की यात्रा कर रही थीं। यात्रा के दौरान अज्ञात चोरों ने उनके पीले रंग के पर्स की चेन खोलकर उसमें रखे कीमती जेवरात और नगदी चोरी कर ली।
उन्होंने तत्काल जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो चोरों का पता चल सका और न ही चोरी गया सामान बरामद हुआ। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस से जानकारी लेने पर अक्सर यह कहकर टाल दिया जाता है कि मामला पुराना हो गया है।
ओवरनाइट एक्सप्रेस में महिला का पर्स उड़ाया
दूसरी घटना 4 जुलाई 2026 की है। इंदौर निवासी श्रीमती दीपाली दुबे अपने भाई अभय के साथ ट्रेन क्रमांक 22191 ओवरनाइट एक्सप्रेस के बी-2 कोच में इंदौर से गाडरवारा आ रही थीं। उन्होंने बताया कि इटारसी स्टेशन पार करने के बाद वह अपनी बर्थ पर सो गई थीं और लेडीज पर्स सिरहाने रखा था। पिपरिया स्टेशन के आगे उनकी नींद खुली तो पर्स गायब था। पर्स में नकदी सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था।
इस मामले की शिकायत भी जीआरपी में दर्ज कराई गई, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
आधुनिक तकनीक के उपयोग की उठी मांग
पीड़ितों और यात्रियों का कहना है कि रेलवे पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, स्मार्ट डिवाइस और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर चोरों तक पहुंचना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते तकनीकी जांच की जाए तो चोरी की घटनाओं का खुलासा संभव है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं के बाद यात्रियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। उनका कहना है कि ट्रेनों में सुरक्षा गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध व्यक्तियों की नियमित जांच हो और यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
दोनों पीड़िताओं ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर चोरी गए सामान की बरामदगी तथा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो यात्रियों का रेलवे पुलिस पर से विश्वास कमजोर होगा।







