ईदुल अजहा पर गाडरवारा में सुबह 7:30 बजे होगी ईदगाह में सामूहिक नमाज
गाडरवारा में ईदुल अजहा 28 मई को मनाई जाएगी। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे सामूहिक नमाज होगी। जानें नमाज का समय और बकरा ईद का धार्मिक महत्व।

गाडरवारा। ईदुल अजहा (बकरा ईद) का पर्व इस वर्ष 28 मई, गुरुवार को धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। स्थानीय राजीव वार्ड स्थित ईदगाह में सुबह 7:30 बजे सामूहिक नमाज अदा की जाएगी। नमाज हाफिज व कारी जुबेर आलम द्वारा पढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा शहर की विभिन्न मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा की जाएगी। जामा मस्जिद में सुबह 8 बजे, छोटी मस्जिद में सुबह 8 बजे तथा फैजाने मदीना मस्जिद में सुबह 8:30 बजे नमाज होगी। नमाज के बाद मुस्लिम समाज के लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देंगे।
त्याग और समर्पण का पर्व है बकरा ईद
इस्लाम धर्म में ईदुल अजहा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि अल्लाह ने उनकी परीक्षा लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्रिय चीज़ की कुर्बानी मांगी थी। हज़रत इब्राहीम ने अपने बेटे हज़रत इस्माईल को कुर्बान करने का निश्चय किया, लेकिन उनकी नीयत देखकर अल्लाह ने इस्माईल की जगह एक दुम्बा भेज दिया। तभी से यह पर्व त्याग, समर्पण और अल्लाह पर अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
गरीबों और जरूरतमंदों की मदद का संदेश
ईदुल अजहा केवल जानवर की कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि अपने अंदर की बुराइयों, घमंड, लालच और नफरत को त्यागने का संदेश भी देता है। इस दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व बताया गया है।
प्रशासन से सहयोग की अपील
जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान ने बताया कि ईदगाह में नमाज को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से समय पर ईदगाह पहुंचने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर पालिका से आवश्यक सहयोग प्रदान करने का अनुरोध भी किया गया है।







