मध्य प्रदेश

खाद-बीज संकट को लेकर माकपा का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 16 से 17 जुलाई तक होगी 24 घंटे की भूख हड़ताल

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने खाद-बीज संकट, टोकन प्रणाली समाप्त करने, 100% मूंग खरीदी और 12 घंटे बिजली की मांग को लेकर 16-17 जुलाई को प्रदेशव्यापी 24 घंटे की भूख हड़ताल का ऐलान किया।

नरसिंहपुर। खरीफ सीजन में किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी के जिला सचिव कामरेड जगदीश पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि माकपा राज्य सचिवमंडल की बैठक कामरेड बादल सरोज की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेशभर में 24 घंटे की भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया गया।

खाद-बीज संकट पर सरकार को घेरने की तैयारी

माकपा का कहना है कि इस वर्ष मानसून में देरी होने से किसान पहले से ही चिंता में हैं। ऐसे समय में खाद और बीज की कमी, कालाबाजारी तथा नकली खाद-बीज की आशंका किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने इन समस्याओं से निपटने के लिए अब तक कोई ठोस योजना नहीं बनाई है।

इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में एक साथ 16 जुलाई दोपहर 12 बजे से 17 जुलाई दोपहर 12 बजे तक लगातार 24 घंटे की भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी।

किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे माकपा कार्यकर्ता

पार्टी के अनुसार प्रदेशभर में माकपा कार्यकर्ता किसानों के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगे। आंदोलन के समापन पर आमसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद राज्यपाल के नाम संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

नरसिंहपुर में शामिल होंगे बादल सरोज

माकपा ने बताया कि राज्य सचिव मंडल सदस्य एवं नरसिंहपुर जिले के प्रभारी कामरेड बादल सरोज भी जिले में आयोजित होने वाली भूख हड़ताल में शामिल रहेंगे और किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

इन प्रमुख मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन

भूख हड़ताल के दौरान किसानों की ओर से प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
  • खाद वितरण में लागू टोकन प्रणाली समाप्त कर किसानों को सुगमता से खाद उपलब्ध कराई जाए।
  • मूंग की फसल की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी की जाए।
  • किसानों को बिना किसी कटौती के प्रतिदिन 12 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति दी जाए।
  • खाद और बीज की कालाबाजारी तथा नकली खाद-बीज की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

जल्द तय होगा आंदोलन का स्थान

जिला सचिव कामरेड जगदीश पटेल ने बताया कि आंदोलन की तैयारियों को लेकर शीघ्र ही जिले की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में भूख हड़ताल के आयोजन स्थल, जिम्मेदारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में पार्टी के प्रदेश एवं जिला स्तर के सभी प्रमुख नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

माकपा ने किसानों से भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाने की अपील की है।

 

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