दुधी नदी डेम परियोजना: प्रभावित आदिवासी परिवारों की मांगों को लेकर भारत आदिवासी पार्टी ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

गाडरवारा, नरसिंहपुर। दुधी नदी डेम परियोजना से प्रभावित होने वाले आदिवासी ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP) ने सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गाडरवारा के माध्यम से मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पार्टी ने कहा कि शासन द्वारा नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम जिलों की सीमा से गुजरने वाली दुधी नदी पर प्रस्तावित डेम परियोजना के कारण तीनों जिलों के लगभग 15 आदिवासी गांव प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि परियोजना के कारण कई परिवारों को अपने घर और कृषि भूमि से विस्थापित होना पड़ेगा।
भारत आदिवासी पार्टी ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि प्रदेश की पूर्व की कई परियोजनाओं में विस्थापित परिवारों को लंबे समय तक पुनर्वास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा है। इसलिए इस परियोजना में प्रभावित परिवारों के हितों की पहले से सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
- प्रत्येक प्रभावित परिवार के 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक सदस्य को 2 एकड़ कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाए।
- प्रत्येक परिवार को मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
- विस्थापित ग्रामीणों के लिए अलग स्वतंत्र ग्राम पंचायत का गठन किया जाए तथा उन्हें किसी अन्य ग्राम पंचायत में शामिल न किया जाए।
- पुनर्वास स्थल पर मिडिल स्कूल, आंगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, नल-जल योजना, बिजली, सड़क और सुरक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएं।
पार्टी नेताओं ने कहा कि विकास परियोजनाओं का उद्देश्य आमजन का हित होना चाहिए, लेकिन यदि किसी परियोजना के कारण लोगों को विस्थापित होना पड़ता है तो उनके पुनर्वास और आजीविका की समुचित व्यवस्था करना शासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि प्रभावित परिवारों की मांगों पर समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।
इस दौरान भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।







