या हुसैन के नारों से गूंजा गाडरवारा, कुर्सी अलम का विशाल जुलूस निकला
गाडरवारा में 7 मोहर्रम पर कुर्सी अलम-मेहंदी ताजिया का विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। जगह-जगह लंगर, शरबत वितरण और देर रात तक सवारियों का रन जारी रहा।

गाडरवारा। करबला के मैदान में हक, इंसानियत और सत्य की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 जानिसारों की शहादत की याद में नगर में मोहर्रम पर्व पूरे श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। मोहर्रम की 7वीं तारीख को मंगलवार शाम कुर्सी अलम-मेहंदी ताजिया का विशाल जुलूस नगर में बड़े एहतराम और अनुशासन के साथ निकाला गया।
नया बस स्टैंड से रवाना हुआ कुर्सी अलम का जुलूस
शाम को शास्त्री वार्ड स्थित नया बस स्टैंड से कुर्सी अलम का जुलूस रवाना हुआ, जो चौकी चावड़ी, महावीर भवन, शक्ति चौक, श्याम टॉकीज, शिवालय चौक, शुक्रवारा बाजार और झंडा चौक सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर अपने मुकाम तक पहुंचा।
पूरे जुलूस मार्ग में “या हुसैन, या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और शहीदाने करबला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
शक्ति चौक पर हुआ भव्य इस्तकबाल
हसनी हुसैनी सोसायटी द्वारा शक्ति चौक पर हजरत अब्बास अलमदार की शान में लगाए गए परचम के सामने लोबान और खुशबू पेश कर जुलूस का भव्य स्वागत किया गया। कुर्सी अलम ताजिया जुलूस श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।

परचम स्थल पर देर रात तक विशेष मजमा लगा रहा। रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा और शहीदी कलामों से पूरा वातावरण धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। हजारों अकीदतमंदों ने नियाज-फातेहा में शिरकत कर शरबत और तबर्रुक प्राप्त किया।
लंगर और शरबत की रही विशेष व्यवस्था
जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा लंगर, शरबत और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई थी। खिदमत और इंसानियत की भावना के साथ लोगों ने आने-जाने वालों की सेवा की।
मोहर्रम के दौरान गाडरवारा में गंगा-जमुना तहजीब और आपसी भाईचारे की खूबसूरत मिसाल देखने को मिल रही है, जहां सभी समुदायों के लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व में सहभागिता निभा रहे हैं।
देर रात तक रन करती रहीं सवारियां
ईशा की नमाज के बाद नगर के विभिन्न इमामबाड़ों की सवारियां बाबाओं की आमद के साथ रन करने निकलीं। शहनाई की शहीदी धुनों के बीच सवारियों ने विभिन्न दरगाहों और इमामबाड़ों में हाजिरी पेश की।
बड़ेवली इमामबाड़ा, मुकरबा दरगाह शरीफ, बावली दरगाह शरीफ, दादी मां, गरीब नवाज चौकी, सुल्तान बाबा, बंगला वाले इमामबाड़ा, कामथ वार्ड मस्जिद परिसर, मदीना दरबार सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर देर रात तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा।
कई मुरादियों ने बाबाओं से मुलाकात कर अपनी मन्नतें मांगी और दुआएं कीं। शक्ति चौक स्थित हजरत सैयद बाबा की दरगाह शरीफ पर चादर और संदल पेश किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जुलूस मार्ग और प्रमुख स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया। मजमा लगने वाले क्षेत्रों में भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई।
एसडीएम मणिन्द्र सिंह, एसडीओपी ललित डागुर एवं नगर निरीक्षक अशोक चौहान ने नागरिकों से मोहर्रम पर्व को सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।







