गाडरवारा: डोल ग्यारस पर उमड़ा भक्तों का सैलाब,आचार्य मंदिर के विमान में शामिल हुए सांसद दर्शन सिंह चौधरी, जय श्री गणेश के जयकारों से गूंजा नगर
जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ विमान का स्वागत, वर्षों पुरानी परंपरा में दिखा श्रद्धा और उल्लास

गाडरवारा। नगर में चल रहे श्री गणेश महोत्सव के बीच डोल ग्यारस के पावन पर्व पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के ऐतिहासिक आचार्य मंदिर से परंपरानुसार भगवान का विमान बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ निकाला गया। विमान यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के साथ क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी भी शामिल हुए।
मंदिर परिसर से जैसे ही भगवान का सुसज्जित विमान बाहर निकला, पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों और जय श्री गणेश के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में विमान के दर्शन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने विमान में शामिल होकर भगवान की आरती की तथा नगरवासियों की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।
जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ विमान का स्वागत
विमान यात्रा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के विमान का स्वागत किया। जयकारों और भक्ति गीतों से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। गणेश महोत्सव के बीच निकली इस विमान यात्रा ने पूरे नगर में उत्सव का माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण कर दिया।
राधा-कृष्ण की डोला परंपरा से जुड़ा है डोल ग्यारस
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में राधाजी के साथ डोला झूला था, इसी कारण इस पर्व को डोल ग्यारस कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को पालने में झुलाने तथा शोभायात्रा निकालने की परंपरा है। भगवान गणेश के विसर्जन से पहले इस प्रकार की धार्मिक यात्रा को भी शुभ माना जाता है।
गाडरवारा में डोल ग्यारस की परंपरा वर्षों पुरानी है। विभिन्न मंदिरों से निकलने वाली विमान यात्राएं अब नगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी हैं। इस वर्ष भी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे नगर में डोल ग्यारस का पर्व श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, धर्मप्रेमी नागरिक एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।







