टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने दिल्ली में शिक्षकों का प्रदर्शन, नरसिंहपुर के सैकड़ों शिक्षक शामिल
केशवपुरम की जाट धर्मशाला में देशभर से जुटे हजारों शिक्षक, नरसिंहपुर जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने भी लिया आंदोलन में हिस्सा

गाडरवारा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर रविवार, 30 अगस्त को दिल्ली के केशवपुरम स्थित जाट धर्मशाला परिसर में देशभर से आए शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार से टीईटी की बाध्यता समाप्त करने के लिए लोकसभा में विधेयक लाकर स्थायी समाधान करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में नरसिंहपुर जिले के सैकड़ों शिक्षक भी शामिल हुए। जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों के दिल्ली पहुंचने से आंदोलन को मजबूती मिली। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर बनी स्थिति का सरकार को संवेदनशीलता के साथ समाधान करना चाहिए।
हजारों शिक्षकों ने एकजुट होकर उठाई आवाज

जेटीएएफ (शिक्षक संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय संयोजक जगदीश यादव के नेतृत्व में आयोजित आंदोलन में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों शिक्षक पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने टीईटी की बाध्यता समाप्त करने और इस संबंध में स्पष्ट एवं स्थायी नीति बनाने की मांग की।
शिक्षकों का कहना था कि वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर उत्पन्न परिस्थितियों का उचित समाधान किया जाना जरूरी है।
लोकसभा में विधेयक लाने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए लोकसभा में विधेयक प्रस्तुत कर उसे पारित कराया जाए। शिक्षकों ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक राज्य या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के शिक्षकों से जुड़ा विषय है।
आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
नरसिंहपुर के सैकड़ों शिक्षकों की सहभागिता

नरसिंहपुर जिले से संयुक्त शिक्षक मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों की भागीदारी रही। शिक्षकों ने कहा कि टीईटी की बाध्यता को लेकर जब तक समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे।







