टीईटी परीक्षा के विरोध में 30 अगस्त को दिल्ली में शिक्षकों का धरना, देशभर से जुटेंगे शिक्षक
टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के शिक्षक धरना देंगे। मध्य प्रदेश से भी शिक्षक होंगे शामिल।

गाडरवारा। शिक्षकों के लिए अनिवार्य की गई टीईटी परीक्षा के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के शिक्षक धरना-प्रदर्शन करेंगे। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के घटक राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश पदाधिकारी नगेन्द्र त्रिपाठी ने प्रदेश सहित देशभर के शिक्षक साथियों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
नौकरी के अंतिम पड़ाव में परीक्षा अनिवार्य किए जाने पर आपत्ति
नगेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षाकर्मी से लेकर शिक्षक बनने तक का सफर संघर्षों से भरा रहा है और अब सेवा के अंतिम पड़ाव में भी शिक्षकों को संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, जिसका शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि जिन शिक्षकों की नियुक्तियां पूर्व में हुई थीं, उस समय लागू नियमों और निर्धारित योग्यताओं को पूरा करने के बाद ही उन्होंने सेवा में प्रवेश किया था। ऐसे में सेवा के अंतिम पड़ाव में नए नियमों के तहत टीईटी परीक्षा अनिवार्य करना शिक्षकों के लिए न्यायसंगत नहीं है।
केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग
त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर पुराने शिक्षकों को इस अनिवार्यता से राहत प्रदान कर सकती है। इसी मांग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से देशभर के शिक्षक 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में शिक्षक दिल्ली पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षक साथियों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
शिक्षक संगठनों ने बनाया संयुक्त मोर्चा
टीईटी परीक्षा सहित अन्य शिक्षक समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मिलकर संयुक्त मोर्चे का गठन किया है। संयुक्त मोर्चे के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया था।
नगेन्द्र त्रिपाठी के अनुसार, मंत्री ने शिक्षकों की बातों को गंभीरता से सुना और अपने स्तर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही समस्याओं के समाधान को लेकर जल्द ही संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई है।
“घर बैठकर संघर्ष नहीं होते”
30 अगस्त के धरने में शामिल होने की अपील करते हुए नगेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि आंदोलन का परिणाम चाहे जो भी हो, शिक्षकों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे कम से कम यह संतोष रहेगा कि शिक्षक अपनी मांगों के लिए मैदान में उतरे और घर बैठकर इंतजार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि “घर बैठकर संघर्ष नहीं होते और न ही कुछ हासिल किया जा सकता है। सफलता के लिए घरों से निकलना होगा और अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।”
उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से 30 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।







