सार्थक सोदे ने बढ़ाया नगर का गौरव, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में हुआ चयन
बचपन से देखा था सिविल एविएशन क्षेत्र में जाने का सपना, मेहनत और लगन से हासिल किया मुकाम; शुभचिंतकों ने दी बधाइयां

गाडरवारा। शिक्षा और मेहनत के दम पर अपने सपनों को साकार करने वाले युवाओं की सफलता पूरे शहर के लिए गौरव का विषय बनती है। ऐसा ही एक उदाहरण गाडरवारा के हनुमान वार्ड निवासी सार्थक सोदे (कुचबंदिया) ने प्रस्तुत किया है। बचपन से ही जिस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखा था, सार्थक ने अपनी मेहनत और लगन से उस सपने को हकीकत में बदल दिया।
सार्थक सोदे का मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन (Ministry of Civil Aviation) के अंतर्गत एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, समाज और गाडरवारा नगर में खुशी का माहौल है।
बचपन के सपने को बनाया लक्ष्य
सार्थक ने बचपन से ही सिविल एविएशन क्षेत्र में कार्य करने का सपना देखा था। उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर निरंतर मेहनत की और अपने सपने को सिर्फ सोच तक सीमित न रखते हुए उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास किया। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जाए तो सपनों को मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है।
परिवार में खुशी का माहौल
सार्थक सोदे, पिता अमर सोदे एवं माता सरोज सोदे (दिल्ली वाले) के पुत्र हैं। वे अभिषेक सोदे के भाई तथा स्वामी राजेश नीरस के भांजे हैं।
सार्थक के चयन की खबर मिलते ही परिवार, मित्रों और समाजजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। शुभचिंतकों, मित्र-बांधवों एवं सामाजिक बंधुओं ने उन्हें इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नगर के युवाओं के लिए प्रेरणा
सार्थक की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गाडरवारा नगर के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता नगर के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने करियर को लेकर बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
सार्थक ने यह साबित किया है कि सपना जब लक्ष्य बन जाए और लक्ष्य के लिए ईमानदारी से मेहनत की जाए, तो सफलता की राह जरूर खुलती है।







