मध्य प्रदेश

बेटियों की सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरा सारंगपुर, शराब दुकान हटाने की मांग पर 24 घंटे से डटे ग्रामीण

सुबह 10 बजे शुरू हुआ धरना अगले दिन तक जारी, रातभर सड़क पर बैठी रहीं महिलाएं; थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे

राकेश एक्का | खोजी पत्रकार

सोहागपुर। विकासखंड के आदिवासी ग्राम सारंगपुर में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण महिलाओं और ग्रामीणों का धरना 24 घंटे बाद भी जारी रहा। सुबह 10 बजे शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अगले दिन सुबह 10 बजे तक चलता रहा। इस दौरान महिलाएं और ग्रामीण पूरी रात मुख्य मार्ग पर डटे रहे। कई ग्रामीणों ने सड़क पर ही रात गुजारी, लेकिन शराब दुकान को हटाने की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग और स्कूल के आसपास शराब दुकान का संचालन होने से छात्राओं, महिलाओं और राहगीरों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि दुकान के आसपास शराब पीने वालों की भीड़ जमा होती है, जिससे स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा और आवागमन को लेकर चिंता बनी रहती है।

“आखिर हमारी गलती क्या है?”

धरने में शामिल महिलाओं का कहना है कि उनकी मांग कोई असंभव मांग नहीं है। उनका सवाल है कि जब स्कूल के आसपास छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा सामने आ रहा है, तो शराब दुकान को किसी दूसरे स्थान पर क्यों नहीं किया जा सकता?

महिलाओं का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के लिए सड़क पर नहीं बैठी हैं, बल्कि अपनी बेटियों और आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा को लेकर आवाज उठा रही हैं।

प्रशासन ने सुनी महिलाओं की बात

धरने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने धरना दे रही महिलाओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से बताया गया कि शराब दुकान का संचालन निर्धारित आबकारी नीति के तहत किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर उसका विस्थापन सीधे तौर पर संभव नहीं है।

हालांकि, ग्रामीणों की मुख्य मांग दुकान को सारंगपुर से अन्यत्र स्थानांतरित करने की है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण अब भी प्रशासन के स्पष्ट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।

रातभर सड़क पर डटी रही महिलाएं

धरने की सबसे बड़ी तस्वीर यह रही कि महिलाएं और ग्रामीण रातभर सड़क पर बैठे रहे। रात गहराने के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ। कई लोग वहीं बैठे रहे तो कुछ ने सड़क किनारे ही रात गुजारी।

धरना लंबा खिंचने के बावजूद स्थिति शांतिपूर्ण रही और पुलिस लगातार मौके पर मौजूद रही।

थाना प्रभारी पूरी रात संभालते रहे मोर्चा

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी पूरी रात मौके पर तैनात रहा। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहे और ग्रामीणों से बातचीत करते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखी।

पुलिस की मौजूदगी में धरना शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा और किसी अप्रिय स्थिति की सूचना सामने नहीं आई।

स्कूल के समय दुकान बंद रखने समेत दिए निर्देश

प्रशासन की ओर से शराब दुकान संचालक को कुछ निर्देश दिए गए हैं। इनमें स्कूल आने-जाने के समय दुकान बंद रखना, दुकान को पर्दे से ढककर संचालित करना, 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब नहीं बेचना तथा दुकान के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने देना शामिल है।

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से उनकी मूल समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। वे दुकान को ही दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।

अब प्रशासन के अगले कदम पर नजर

सारंगपुर में 24 घंटे से जारी धरना अब केवल शराब दुकान का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा सवाल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मूल मांग पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग और आबकारी नियमों के बीच किस तरह का रास्ता निकालता है। फिलहाल सारंगपुर की महिलाओं की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!