टैगोर विद्या निकेतन में सजा प्रतिभाओं का सम्मान समारोह, 333 विद्यार्थियों और 54 शिक्षकों को मिल चुकी है ₹49.12 लाख की प्रोत्साहन राशि
श्री अशोक काबरा के दूरदर्शी विजन से शिक्षा रत्न सम्मान योजना बनी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का सशक्त मंच, मेधावी विद्यार्थियों से लेकर खेल और कला के सितारों तक का हुआ सम्मान

गाडरवारा। शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को पहचान देने, विद्यार्थियों की मेहनत को प्रोत्साहित करने और शिक्षकों के समर्पण को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल के रूप में टैगोर विद्या निकेतन, गाडरवारा में ‘शिक्षा रत्न सम्मान योजना’ के अंतर्गत भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वर्ष 2014-15 से निरंतर संचालित इस योजना ने शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। श्री अशोक काबरा की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण से शुरू हुई यह पहल आज सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियों का सम्मान करने वाला महत्वपूर्ण मंच बन चुकी है।
इस योजना के माध्यम से अब तक 54 शिक्षकों, 3 प्राचार्यों और 333 मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं एवं उपलब्धियों के लिए कुल 49 लाख 12 हजार 10 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा केवल सम्मानित होने वालों की संख्या नहीं, बल्कि विद्यालय प्रबंधन की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा को प्रोत्साहन देकर सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प शामिल है।
हर साल बढ़ रही मेधावी विद्यार्थियों की संख्या
विद्यालय प्रबंधन समिति की प्रेरणा और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण का परिणाम है कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सत्र 2023-24 में ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 33 थी, जो सत्र 2024-25 में बढ़कर 59 और सत्र 2025-26 में 61 तक पहुंच गई। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत के साथ-साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रबंधन की सतत प्रेरणा को भी प्रदर्शित करती है।
खेल, कला और साहित्य की प्रतिभाओं को भी मिला सम्मान
शिक्षा रत्न सम्मान योजना का दायरा केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है। विद्यालय ने खेल, कला और साहित्य के क्षेत्र में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया है। इन क्षेत्रों में अब तक 33 विद्यार्थियों को कुल 3 लाख 33 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जा चुका है।
सत्र 2025-26 में जिला स्तर पर कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली याशिका जैन (कॉमर्स) और शौर्य चौरसिया (साइंस) को 21-21 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। वहीं खेल विभाग की प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत एनसीसी के प्रथम वर्ष में ही राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले छात्र आयुष कुमार सिंह को 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में अतिथियों ने बढ़ाया प्रतिभाओं का उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र जैन रहे। इस अवसर पर जी.जे. एजुकेशन सोसाइटी के सभी सम्मानित सदस्य एवं विद्यालय प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में विद्यार्थियों की उपलब्धियों और शिक्षकों के योगदान को सराहा गया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों के लिए यह आयोजन भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा बना।
समारोह के समापन अवसर पर जी.जे. एजुकेशन सोसाइटी के उपाध्यक्ष श्री पीयूष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि जब हम इन बच्चों की आंखों में भविष्य के सपने देखते हैं, तो हमें अपने कार्यों पर गर्व होता है। यही बच्चे आने वाले कल का निर्माण करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जी.जे. एजुकेशन सोसाइटी इस संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वरिष्ठ सदस्यों की दूरदर्शिता, प्राचार्य एवं शिक्षकों की कर्मठता और विद्यार्थियों की मेहनत व सफलता का जीवंत उत्सव है।
टैगोर विद्या निकेतन की शिक्षा रत्न सम्मान योजना ने यह साबित किया है कि जब विद्यार्थियों की मेहनत को उचित सम्मान, शिक्षकों के समर्पण को पहचान और प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।







