एमएलसी और एचआईएमएस रिपोर्टिंग में लापरवाही पर सीएमएचओ का सख्त एक्शन, डॉक्टरों के तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश
मेडलेपार पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टियों में मिली खामियां, सीएमएचओ और थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से किया निरीक्षण; दोबारा प्रशिक्षण देकर दी सख्त चेतावनी

गाडरवारा। शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और ऑनलाइन रिपोर्टिंग में अनियमितता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मेडलेपार पोर्टल पर एमएलसी (मेडिको लीगल केस) प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि और एचआईएमएस रिपोर्टिंग में गंभीर लापरवाही सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने संबंधित डॉक्टरों के तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक चौहान के साथ संबंधित चिकित्सकीय टीम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। मेडलेपार पोर्टल पर एमएलसी प्रकरणों की ऑनलाइन प्रविष्टि और रिपोर्टिंग में कमियां सामने आने पर मौके पर ही चिकित्सकीय टीम को दोबारा प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने पोर्टल पर प्रकरणों की सही जानकारी दर्ज करने, निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्टिंग करने और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की प्रक्रिया समझाई।
गलत और अधूरी रिपोर्टिंग पर रहेगी नजर
सीएमएचओ डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि मेडलेपार पोर्टल पर प्रत्येक एमएलसी प्रकरण की जानकारी सही, स्पष्ट और समय पर दर्ज की जाए। रिपोर्टिंग के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी परेशानी या अन्य समस्या आने पर उसे छिपाने अथवा काम लंबित रखने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए।
इसके लिए जिला स्तर पर मेडलेपार एमएलसी रिपोर्टिंग से संबंधित आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जा रहा है। इस ग्रुप के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि रिपोर्टिंग का काम प्रभावित न हो।
सीसीटीएनएस नंबर से होगा एमएलसी प्रकरणों का सत्यापन
इस दौरान गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि एमएलसी प्रकरणों का सीसीटीएनएस नंबर के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। इससे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड का मिलान करने में मदद मिलेगी। साथ ही डुप्लीकेट प्रकरणों को चिन्हित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी, जिससे दोनों विभागों के रिकॉर्ड में एकरूपता और पारदर्शिता बनी रहे।
प्रशिक्षण के बाद भी लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. मनीष कुमार मिश्रा ने संबंधित चिकित्सकीय अमले को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि रिपोर्टिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के बाद भी यदि मेडलेपार एमएलसी या एचआईएमएस रिपोर्टिंग में लापरवाही अथवा अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों में समयबद्धता, जवाबदेही और रिकॉर्ड की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन रिपोर्टिंग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय और महत्वपूर्ण शासकीय रिकॉर्ड का आधार है। इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण एवं प्रशिक्षण के दौरान डॉ. उपेंद्र वस्त्रकर, डॉ. पंकज ठारवानी, डॉ. अनिल पटेल सहित अन्य संबंधित चिकित्सकीय अमला उपस्थित रहा।







