नरसिंहपुर: टिफिन के एक डिब्बे को लेकर विवाद, SBI गार्ड ने निकाल ली बंदूक और कर दिया फायर
बेटे से गाली-गलौज की शिकायत लेकर पहुंचे पिता से विवाद के बाद फायरिंग का आरोप; गोली ऊपर से निकल गई, बाल-बाल बचा टिफिन संचालक

नरसिंहपुर। शहर में रविवार रात टिफिन के एक डिब्बे को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद उस समय गंभीर हो गया, जब SBI की एसीबी शाखा में तैनात सुरक्षा गार्ड पर बंदूक से फायर करने का आरोप लगा। बैंक के बाहर गोली चलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी और टिफिन सेंटर संचालक बाल-बाल बच गया।
10 टिफिन पहुंचे, 11 की मांग पर शुरू हुआ विवाद
टिफिन सेंटर संचालक विपिन नेमा के अनुसार, उनका बेटा आदित्य नेमा पिछले करीब एक महीने से बैंक में काम कर रहे कारपेंटर कारीगरों सहित अन्य लोगों के लिए प्रतिदिन टिफिन पहुंचाता है।
रविवार को सुबह करीब 10 टिफिन बैंक भेजे गए थे। शाम को भी आदित्य 10 टिफिन लेकर बैंक पहुंचा। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों को 11 टिफिन चाहिए थे। इसी बात को लेकर सुरक्षा गार्ड राजकुमार और आदित्य के बीच विवाद शुरू हो गया।
आदित्य का कहना है कि उसने गार्ड से स्पष्ट किया कि जितने टिफिन बताए गए थे, उतने ही वह लेकर आया है और आवश्यकता होने पर अतिरिक्त टिफिन भी उपलब्ध कराया जा सकता है। इसी दौरान विवाद बढ़ने और गाली-गलौज का आरोप है।
बेटे का फोन आया तो पिता पहुंचे बैंक
विवाद के बाद आदित्य ने फोन कर अपने पिता विपिन नेमा को घटना की जानकारी दी। इसके बाद विपिन अपने बेटे के साथ बैंक पहुंचे।
विपिन का आरोप है कि उन्होंने गार्ड से अपने बेटे को गाली देने का कारण पूछा, लेकिन बात समझाने के बजाय विवाद और बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प की स्थिति भी बनी।
विपिन के मुताबिक, उन्होंने बैंक के अंदर विवाद बढ़ाना उचित नहीं समझा और गार्ड से बाहर आने को कहा। आरोप है कि इसके बाद गार्ड अंदर गया और कुछ देर बाद बंदूक लेकर बाहर आया।
बंदूक सामने आते ही नीचे बैठ गए, ऊपर से निकल गई गोली
विपिन नेमा के अनुसार, गार्ड ने बंदूक तानकर उनकी ओर फायर कर दिया। अचानक सामने बंदूक देखकर वह घबरा गए और नीचे बैठ गए। उनका दावा है कि गोली उनके ऊपर से निकल गई और वह बाल-बाल बच गए।
फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां करीब 50 लोगों की भीड़ जमा हो गई। गोली चलने के बाद विपिन एक ओर भागे, जबकि उनका बेटा आदित्य दूसरी दिशा में भागा।
आदित्य ने बताया कि भागते समय उसके पैर में भी चोट जैसी स्थिति हुई, हालांकि गोली लगने से वह और उसके पिता दोनों सुरक्षित रहे।
₹2700 के भुगतान को लेकर भी सामने आया विवाद
आदित्य के अनुसार, करीब एक महीने के टिफिन का ₹2700 भुगतान भी बाकी था। उसका कहना है कि पहले भुगतान कुछ दिन बाद करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में भुगतान की तारीख आगे बढ़ती रही।
हालांकि, परिजनों के मुताबिक रविवार रात विवाद की शुरुआत मुख्य रूप से टिफिन की संख्या को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी।
पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लिया, हथियार जब्त
फायरिंग की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा गार्ड राजकुमार को हिरासत में लिया तथा उसके पास मौजूद बंदूक को अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई, किस दिशा में गोली चली और हथियार का इस्तेमाल किस प्रकार किया गया, इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
मामूली विवाद ने खड़ा किया बड़ा सवाल
एक टिफिन के विवाद से शुरू हुआ घटनाक्रम बैंक के बाहर कथित फायरिंग तक पहुंच गया। घटना में किसी के घायल नहीं होने से राहत जरूर है, लेकिन बैंक जैसी जगह पर सुरक्षा गार्ड द्वारा हथियार से फायर किए जाने के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब पुलिस जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि आखिर मामूली टिफिन विवाद किस तरह फायरिंग की स्थिति तक पहुंचा और गोली चलाने की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।







