मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा की गिरफ्तारी पर बवाल, साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल
सरपंच सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घर से उठाकर ले जाने का आरोप, गिरफ्तारी के बाद कहां रखा गया है, इसकी जानकारी नहीं मिलने पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी

गाडरवारा। नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र में मेहरागांव की निर्वाचित सरपंच माया विश्वकर्मा और उनके साथियों की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गिरफ्तारी की कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुनीता पटेल साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठ गई हैं। कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गिरफ्तार लोगों को तत्काल उनके परिजनों के पास पहुंचाने की मांग की है।
सरपंच सहित अन्य लोगों को घर से ले जाने का आरोप
कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मेहरागांव की निर्विरोध निर्वाचित सरपंच माया विश्वकर्मा, कांग्रेस कार्यकर्ता अनंत राजपूत, युवराज राजपूत और अन्य लोगों को साईंखेड़ा पुलिस द्वारा उनके घर से ले जाने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि संबंधित लोगों को किस कारण से ले जाया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
गिरफ्तारी के बाद कहां रखा गया है, उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल गिरफ्तार लोगों के वर्तमान ठिकाने को लेकर खड़ा हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद माया विश्वकर्मा और उनके साथियों को कहां ले जाया गया है, इसकी जानकारी परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
कांग्रेस की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि परिजनों को सुबह तक छोड़ने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। इसी को लेकर सुनीता पटेल साईंखेड़ा थाने में धरने पर बैठ गई हैं और संबंधित लोगों के संबंध में तत्काल जानकारी देने की मांग कर रही हैं।
कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से जारी संदेश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का आह्वान करते हुए कहा गया है कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कांग्रेस ने मांग की है कि माया विश्वकर्मा सहित सभी संबंधित लोगों को तत्काल ससम्मान उनके घर पहुंचाया जाए और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में स्थिति स्पष्ट की जाए।
थाने के सामने धरना, आगे आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल ने चेतावनी दी थी कि यदि संबंधित लोगों को रिहा कर घर नहीं पहुंचाया गया, तो साईंखेड़ा नगर परिषद क्षेत्र में थाने के सामने जिला कांग्रेस कमेटी नरसिंहपुर द्वारा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। अब सुनीता पटेल के थाने में धरने पर बैठने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
फिलहाल, इस घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। गिरफ्तारी के कारणों, संबंधित लोगों के वर्तमान ठिकाने और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
अब निगाहें पुलिस-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।







