शाहपुर अस्पताल में सीएमएचओ का औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से लेकर वैक्सीन की कोल्ड चेन तक मिली खामियां, लैब टेक्नीशियन का 5 दिन का वेतन काटने के निर्देश

संवाददाता शैलेंद्र गुप्ता शाहपुर
शाहपुर, जिला बैतूल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में शुक्रवार को प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजीव शर्मा ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमी, बायोमेडिकल वेस्ट के उचित प्रबंधन में लापरवाही, दवा वितरण केंद्र पर ऑनलाइन एंट्री नहीं होने और वैक्सीन के रखरखाव में खामियां सामने आईं। इन अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए डॉ. शर्मा ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही के मामलों में संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
गर्भवती महिला का बीपी बढ़ा मिला, तत्काल उपचार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित शिविर का जायजा लिया। यहां गर्भवती महिला श्रीमती सीमा, पति आनंद राव मर्सकोले की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने पर उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया। इस पर उन्होंने संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसी दौरान एनसीडी जांच कराने आई एक गर्भवती महिला को एक्स-रे कक्ष के सामने बैठाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के बैठने के लिए उचित स्थान और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि जांच एवं उपचार के दौरान उन्हें असुविधा का सामना न करना पड़े।

लैब टेक्नीशियन पर कार्रवाई के निर्देश
प्रयोगशाला के निरीक्षण के दौरान संविदा लैब टेक्नीशियन अजीत यादव जांच संबंधी जानकारी ठीक से नहीं दे पाए। इस पर डॉ. शर्मा ने नाराजगी जताते हुए संबंधित बीएमओ को कर्मचारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने और पांच दिन का वेतन काटने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
दवा वितरण केंद्र की जांच में कंप्यूटर पर दवाओं की ऑनलाइन एंट्री नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल रिकॉर्ड अपडेट करने और व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा।
वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को समय पर दवाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले में बीपीएम और स्टोर कीपर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से दवा वितरण व्यवस्था में सुधार लाने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
वैक्सीन के रखरखाव में लापरवाही पर उठाए सवाल
टीकाकरण व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान भी कमियां सामने आईं। सीसीएच कन्हैया कुमार के स्तर पर आइस पैक की फ्रीजिंग ठीक से नहीं होने और श्रीमती शशिकला लाजरस द्वारा वैक्सीन की जांच नहीं किए जाने पर डॉ. शर्मा ने नाराजगी जताई।

नर्सिंग स्टाफ रूम में वैक्सीन कैरियर में पिछले दिन की वैक्सीन रखी मिली, जबकि आइस पैक पिघले हुए पाए गए। इस स्थिति पर उन्होंने सवाल उठाया कि टीकाकरण के बाद वैक्सीन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसी दिन कोल्ड चेन में वापस क्यों नहीं रखा गया।
उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को वैक्सीन के सुरक्षित रखरखाव और निर्धारित तापमान बनाए रखने की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डिलीवरी रूम की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।
सफाई और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में सुधार के निर्देश
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर सीएमएचओ ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के नियमों का उचित पालन नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कचरे के सुरक्षित निपटान की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अस्पताल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर पहुंचने और निर्धारित यूनिफॉर्म में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय और एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. अशोक नरवरे मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में हुए इस औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवा वितरण, टीकाकरण और मरीजों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इन निर्देशों पर कितनी तत्परता से अमल करते हैं और अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।







