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Salichauka News: 22 साल की उम्र में पवन अहिरवार बने स्टेशन मास्टर, बढ़ई पिता के बेटे ने रचा इतिहास

सालीचौका के 22 वर्षीय पवन अहिरवार का रेलवे में स्टेशन मास्टर पद पर चयन हुआ है। बढ़ई पिता के बेटे ने प्रथम प्रयास में यह सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका, नरसिंहपुर। कहा जाता है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के सामने आर्थिक अभाव भी हार मान लेते हैं। इसका ताजा उदाहरण सालीचौका के युवा पवन अहिरवार ने पेश किया है। महज 22 वर्ष की उम्र में पवन का रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर अंतिम चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे नगर और क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा उन्हें लगातार बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं।

रेलवे NTPC स्नातक स्तर परीक्षा 2024 के तहत रेलवे भर्ती बोर्ड अहमदाबाद द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया में पवन अहिरवार ने शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद 5 एवं 6 जून को हुए दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण में भी वे सफल रहे, जिसके बाद स्टेशन मास्टर पद के लिए उनका अंतिम चयन घोषित किया गया।

प्रथम प्रयास में हासिल की सफलता

पवन की यह सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। इतनी कम उम्र में रेलवे जैसे प्रतिष्ठित विभाग में अधिकारी स्तर के पद पर चयन होना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

विशेष बात यह भी है कि इससे पहले पवन रेलवे में चयनित हो चुके हैं और वर्तमान में रेलवे के अहमदाबाद मंडल में तकनीशियन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और अंततः स्टेशन मास्टर बनने का सपना साकार कर दिखाया।

शिक्षा के दम पर लिखी सफलता की कहानी

पवन अहिरवार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, सालीचौका से प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय, बोहानी में हुआ, जहां से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने शहीद भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय से बी.ए. की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी और लगातार मेहनत के बल पर सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए।

बढ़ई पिता ने नहीं टूटने दिया हौसला

पवन की सफलता के पीछे उनके पिता पुरुषोत्तम अहिरवार का संघर्ष और समर्पण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेशे से बढ़ई (कारपेंटर) होने के बावजूद उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों को अपने बेटे की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया।

सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पवन की सफलता यह साबित करती है कि यदि परिवार का सहयोग और शिक्षा के प्रति समर्पण हो तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

भाई-बहन भी पढ़ाई में अव्वल

पवन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता, परिवार और मित्रों को दिया है। उन्होंने बताया कि परिवार के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके छोटे भाई और बहन भी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

पवन अहिरवार की उपलब्धि आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

उनके स्टेशन मास्टर पद पर चयन होने से सालीचौका सहित पूरे नरसिंहपुर जिले में खुशी का माहौल है और विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक संगठनों द्वारा उन्हें बधाई दी जा रही है।

 

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