गाडरवारा में नम आंखों से ताजियों का विसर्जन, कर्बला शरीफ में शहीद-ए-कर्बला को दी गई अंतिम विदाई
गाडरवारा में मोहर्रम की 11वीं तारीख पर ताजियों का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। कर्बला शरीफ में जायरीनों ने नम आंखों से इमाम हुसैन और 72 शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

गाडरवारा। नगर में यौम-ए-आशूरा के उपरांत शनिवार को मोहर्रम की 11वीं तारीख पर शहीद-ए-कर्बला की याद में ताजियों का पारंपरिक रीति-रिवाज और धार्मिक विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। शक्कर नदी स्थित कर्बला शरीफ में बनाए गए विशेष विसर्जन कुंड में सभी ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक की प्रतीकात्मक परंपरा के तहत विसर्जित किया गया। इस दौरान जायरीनों ने नम आंखों से हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाबली अखाड़ा से निकला ताजियों का काफिला
मोहर्रम की रस्मों के तहत नया बस स्टैंड स्थित बाबली अखाड़ा दरगाह के पास सभी ताजिये एकत्रित हुए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम बार ताजियों की जियारत की। यहां देर तक अकीदतमंदों का जमावड़ा लगा रहा। विभिन्न स्थानों पर लंगर और शरबत का वितरण किया गया।
इसके बाद बाबली अखाड़ा से ताजियों का काफिला शक्कर नदी स्थित कर्बला शरीफ के लिए रवाना हुआ। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने ताजियों पर रेबड़ी, इत्र और लोबान पेश कर अंतिम दीदार किया। “या हुसैन, या हुसैन” की सदाओं से पूरा वातावरण गमगीन और श्रद्धामय बना रहा।
कर्बला शरीफ में हुआ विधि-विधान से विसर्जन

कर्बला शरीफ पहुंचने के बाद नगर पालिका परिषद द्वारा बनाए गए विशेष विसर्जन कुंड में सभी ताजियों का एक-एक कर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विसर्जन किया गया। ताजिये ठंडे करने से पहले नियाज़ और फातेहा की रस्म अदा की गई तथा उपस्थित लोगों में तबर्रुक और लंगर तकसीम किया गया।
विसर्जन के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं और सभी इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसाफ और मानवता के संदेश को याद कर रहे थे।
प्रशासन के रहे पुख्ता इंतजाम
मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर पालिका परिषद ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए। विसर्जन यात्रा के दौरान पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष अबरार खान ने कहा कि गाडरवारा में मोहर्रम का पर्व हमेशा शांति, सद्भाव और भाईचारे के वातावरण में मनाया जाता है, जो नगर की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है। उन्होंने प्रशासन और नगरवासियों द्वारा मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मध्यप्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी के अब्दुल फिरोज खान, मेहमूद पहलवान, आशिक हुसैन, मुस्लिम त्योहार कमेटी के मुजीब खान तथा हसनी हुसैनी सोसायटी के लकी अली ने भी प्रशासन, पुलिस और नगरवासियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। नौजवान कमेटी द्वारा बड़े वली इमामबाड़े पर लंगर का आयोजन किए जाने की जानकारी भी दी गई।







