मध्य प्रदेश

गेहूं खरीदी में गड़बड़ी का आरोप: सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही – जगदीश पटेल

नरसिंहपुर में किसान नेता जगदीश पटेल ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।

संवाददाता अवधेश चौकसे

सालीचौका (नरसिंहपुर)। मध्य प्रदेश किसान सभा के राज्य सहायक महासचिव ने प्रदेश सरकार पर गेहूं खरीदी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पटेल ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में 19 लाख 4 हजार किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें 41.58 लाख हेक्टेयर रकबा शामिल है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3.60 लाख किसानों और 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। इसके बावजूद खरीदी लक्ष्य में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है—पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले इस वर्ष केवल 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रति केंद्र प्रतिदिन 1500 क्विंटल खरीदी का दावा किया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने नरसिंहपुर जिले के रेवा श्री वेयरहाउस और विनायक वेयरहाउस (सालीचौका) का दौरा किया, जहां व्यवस्थाएं बेहद कमजोर पाई गईं।

विनायक वेयरहाउस का 19 अप्रैल को शुभारंभ हुआ, लेकिन 20 अप्रैल तक वारदाना उपलब्ध नहीं होने के कारण एक भी क्विंटल गेहूं की खरीदी नहीं हो सकी, जबकि करीब 100 ट्रैक्टर 17 अप्रैल से लाइन में खड़े हैं। वहीं रेवा श्री वेयरहाउस के दो केंद्रों पर 16 अप्रैल से खरीदी शुरू होने के बावजूद 20 अप्रैल तक केवल 1800 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो पाई है।

पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं न खरीदने की प्रतीत होती है। मजबूरी में कई किसान खुले बाजार में कम दाम पर गेहूं बेचने को विवश हो रहे हैं, जबकि अन्य किसान स्लॉट बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के करीब 38 प्रतिशत किसान गिरदावरी न होने के कारण पंजीयन नहीं करा पाए, जबकि पंजीकृत किसानों में भी पटवारी रिकॉर्ड और सैटेलाइट डाटा में अंतर के चलते लगभग आधा गेहूं बेचने में समस्या आ सकती है।

स्लॉट बुकिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लिंक रात 11 बजे के बाद खोली जाती है और सुबह बंद कर दी जाती है, जिससे किसानों को दिन-रात परेशान होना पड़ रहा है। साथ ही खरीदी केंद्रों की संख्या कम और खरीदी की गति धीमी है।

व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा उग्र आंदोलन

जगदीश पटेल ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

  • खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए
  • पंजीकृत किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जाए
  • स्लॉट बुकिंग 24 घंटे उपलब्ध कराई जाए
  • खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए
  • प्रति केंद्र 1500 क्विंटल खरीदी के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं
  • तुलाई के तुरंत बाद भुगतान सुनिश्चित किया जाए

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो किसान संगठन उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा।

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