गाडरवारा में पेपर लीक के विरोध में युवाओं का सांकेतिक धरना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उठी मांग
शक्तिधाम मंदिर के पास छात्रों ने किया एक दिवसीय उपवास, 'पेपर लीक बंद करो' और 'शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ' के लगे नारे

गाडरवारा (नरसिंहपुर)। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर रविवार को गाडरवारा के युवाओं ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना एवं उपवास किया। पलोटन गंज स्थित शक्तिधाम मंदिर के पास आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना स्थल पर मौजूद युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “पेपर लीक बंद करो”, “शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ”, “शिक्षा व्यवस्था में सुधार करो” जैसे नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की।
पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित होने की बात कही
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और कई युवा मानसिक तनाव का सामना करते हैं।
इन मांगों को प्रमुखता से उठाया
धरना दे रहे युवाओं ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए।
- पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाया जाए।
- विद्यार्थियों के सुरक्षित भविष्य के लिए केंद्र और राज्य सरकार ठोस नीति लागू करे।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
मौन रखकर व्यक्त की संवेदना
एक दिवसीय सांकेतिक उपवास के समापन पर उपस्थित युवाओं ने नीट परीक्षा 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कुछ समय का मौन रखा।
आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
धरने का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने कहा कि यह सांकेतिक आंदोलन केवल शुरुआत है। यदि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







