धर्ममध्य प्रदेश

गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ…! गाडरवारा में भावभीनी विदाई, विधि-विधान से हुआ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

अनंत चतुर्दशी पर 10 दिवसीय गणेशोत्सव का हुआ समापन, नगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकलीं विसर्जन यात्राएं; नगर पालिका ने क्रेन से कराया व्यवस्थित विसर्जन

गाडरवारा। गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ… के जयघोष से शुक्रवार को गाडरवारा नगर भक्तिमय नजर आया। 10 दिनों तक घरों और गणेश पंडालों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उल्लास के साथ विसर्जन किया गया।

इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई गई। इसी के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हुआ। हालांकि विभिन्न परिवारों में परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच या सात दिनों तक भी गणपति की स्थापना कर विसर्जन किया जाता है। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर की रात करीब 11:18 बजे हुई और इसका समापन 25 सितंबर की रात करीब 11:06 बजे हुआ। उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई गई।

दीपायन संस्था कामथ वार्ड में हुआ विशेष आयोजन

अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर दीपायन संस्था, कामथ वार्ड में श्री गणेश जी महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। भक्तों ने बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त कर नगरवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया।

नगर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नगर पालिका द्वारा भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। नगर पालिका अध्यक्ष पंडित शिवाकांत मिश्रा के निर्देश पर नगर की विभिन्न गणेश प्रतिमाओं का क्रेन के माध्यम से व्यवस्थित एवं सुरक्षित विसर्जन कराया गया। इस व्यवस्था की नागरिकों ने सराहना की। विसर्जन व्यवस्था में नगर पालिका के राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की भूमिका भी सराहनीय रही।

गणेश पुराण में भी मिलता है पार्थिव गणेश पूजन का उल्लेख

गणेश पुराण में पार्थिव गणेश पूजन की परंपरा का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने अपने पिता हिमालयराज से श्री गणेश की उपासना की विधि पूछी थी। तब उन्हें पवित्र मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाकर पूजन करने की विधि बताई गई। मिट्टी से निर्मित ऐसी प्रतिमा को पार्थिव गणेश कहा जाता है। पूजन-व्रत के समापन के बाद प्रतिमा को नदी, तालाब अथवा जलाशय में विसर्जित करने की परंपरा बताई गई है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए गणेश भक्त

गणेश विसर्जन के अवसर पर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल प्रदेश सचिव श्री शिवकुमार नीखरा, लालचंद मोतीलाल बीड़ी फॉर्म के संचालक श्री रमेश साहू, श्री मोहन नीखरा, श्री हेमंत साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री उमेश नीरस, श्री मुकेश खजांची, अवधेश रसिया, जगदीश दुबे, एडवोकेट दादा जैन, संतोष सोनी, देवेंद्र दुबे, केशव नीखरा लकी, अंजय डब्बू गुप्ता, लोकेश पटेल, रिंकू श्रीवास्तव, देवेन्द्र साहू, शरद नीखरा, सुभाष चौरसिया, गौरव नीखरा, प्रेम साहू, कैलाश पांडेया, सुनील नगरिया, भूपेन्द्र पटेल, विनय वसेड़िया, राजू भैरव, मुरारी नीखरा, मेघाश चौधरी, गौरव बल गोस्वामी, शिवम पटेल, अंकित नीखरा, यश साहू, हर्षित बसेड़िया, शौर्य साहू, अभिषेक साहू, कुशाग्र नीखरा, बेबी राघव नीखरा, चेडू सोनी, आदित्य पाराशर, एडवोकेट दिवाकर पाराशर, शाम्भवी साहू, नैनी बसेड़िया सहित बड़ी संख्या में गणेश भक्त मौजूद रहे।

भक्तों ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के साथ विघ्नहर्ता को भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष पुनः नगर में पधारने की कामना की।

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