बम्हौरी कला में सजी ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रदर्शनी
25 विद्यार्थियों ने चित्रों के माध्यम से दिखाई विकसित भारत की कल्पना, उत्कृष्ट प्रतिभाओं को मिले प्रमाण पत्र

गाडरवारा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बम्हौरी कला में ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणावादिनी के पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर माननीय शिक्षामंत्री द्वारा नियुक्त जनप्रतिनिधि श्री मूरत सिंह पटेल एवं श्री सुरेंद्र सिंह पटेल तथा शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तेजराज सिंह गुर्जर बतौर अतिथि उपस्थित रहे।
चित्रकला प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार वल्लभभाई पटेल, चंद्रयान, प्रधानमंत्री आवास, सांदीपनि विद्यालय, भारत मंडपम, सोलर एनर्जी, उज्ज्वला गैस, वंदे भारत ट्रेन एवं एनटीपीसी संयंत्र सहित विकसित भारत की उपलब्धियों और भावी भारत की परिकल्पना को रंगों एवं चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

प्रदर्शनी में 25 विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिला। बच्चों द्वारा तैयार किए गए चित्रों में देश की प्रगति, आधुनिक तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, परिवहन और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने रखे विचार
कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’, ‘विकसित भारत 2047 की परिकल्पना’ एवं ‘स्वर्णिम भारत’ जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से देश के भविष्य और विकास को लेकर अपनी कल्पनाओं एवं विचारों को सामने रखा।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन
विद्यालय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता में शशि अहिरवार ने प्रथम, शिवम ने द्वितीय तथा ओमप्रकाश मेहरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में अनुलता राजपूत प्रथम, सुखराम रजक द्वितीय एवं दीपिका अहिरवार तृतीय स्थान पर रहीं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की कृतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया।
चित्रकला से बच्चों के मानसिक विकास पर प्रकाश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने चित्रकला प्रदर्शनी की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रचनात्मक कार्यों की सराहना की।
वहीं शिक्षक नगेन्द्र त्रिपाठी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में चित्रकला के माध्यम से बच्चों के सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और मानसिक विकास पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक राघवेन्द्र चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संस्था की प्राचार्य श्रीमती उषा सिंह ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को चित्रों और विचारों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर मिला, वहीं ‘मेरे सपनों का भारत’ के माध्यम से बच्चों ने भविष्य के भारत को लेकर अपनी सोच भी सामने रखी।







