गाडरवारा में कबाड़ दुकान के पास करंट की चपेट में आने से दो गायों की मौत, आबादी क्षेत्र में कबाड़खाने को लेकर रहवासी परेशान
राजीव वार्ड में घटना के बाद मचा हड़कंप, नागरिकों ने आबादी क्षेत्र में संचालित कबाड़खाने और सड़क पर फैले कबाड़ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

गाडरवारा। (राजेश नीरस) नगर के आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित कबाड़ दुकानों और उनके आसपास फैली कबाड़ सामग्री को लेकर अब नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच नगर के राजीव वार्ड स्थित कोचर टाल के पीछे एक कबाड़ दुकान के पास बिजली के करंट की चपेट में आने से दो गायों की मौत होने की घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मामले की जांच कराने और आबादी क्षेत्र में संचालित कबाड़ दुकानों के मानक एवं सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की मांग की है।
कबाड़ सामग्री सड़क तक फैले होने से परेशानी
रहवासियों का कहना है कि राजीव वार्ड में संचालित कबाड़ दुकान के आसपास बड़ी मात्रा में कबाड़ सामग्री फैली हुई है। नागरिकों के अनुसार दुकान परिसर के बाहर तक कबाड़ सामग्री रखे जाने से सड़क और आसपास का क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।
लोगों का आरोप है कि कबाड़ सामग्री के बेतरतीब तरीके से रखे जाने के कारण आवागमन में भी परेशानी होती है। इसके साथ ही कबाड़ के बीच गंदगी और कचरा जमा होने से आसपास रहने वाले लोगों को स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में खुले में पड़ा कबाड़ और बिजली के तारों के आसपास फैली सामग्री सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन गई है। इसी बीच दो गायों की करंट लगने से मौत की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
आबादी के बीच कबाड़खाने को लेकर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भीड़भाड़ और आबादी वाले क्षेत्रों में कबाड़ का कारोबार संचालित होने से सुरक्षा संबंधी जोखिम बने रहते हैं। कबाड़ सामग्री में लोहे, तार, प्लास्टिक और अन्य सामान बड़ी मात्रा में मौजूद रहता है। ऐसे में विद्युत तारों के आसपास अव्यवस्थित तरीके से कबाड़ रखा जाना किसी अप्रिय घटना का कारण बन सकता है।
रहवासियों ने मांग की है कि नगर में संचालित कबाड़ दुकानों के नियम, लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और निर्धारित स्थान की संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाए। यदि किसी दुकान का संचालन निर्धारित नियमों के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
दो गायों की मौत के बाद प्रशासन से कार्रवाई की मांग
राजीव वार्ड में दो गायों की करंट लगने से मौत की घटना के बाद नागरिकों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि घटना के कारणों की जांच के साथ यह भी देखा जाना चाहिए कि विद्युत तारों और कबाड़ सामग्री के बीच ऐसी स्थिति क्यों बनी, जिससे पशुओं की जान चली गई।
नागरिकों ने विद्युत सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों से भी मौके का निरीक्षण कराने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि खुले विद्युत तार अथवा अन्य विद्युत व्यवस्था से भविष्य में किसी व्यक्ति या पशु को खतरा न हो।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
रहवासियों ने बताया कि कबाड़ दुकानों और उनके आसपास से स्थानीय लोगों के अलावा कई बार स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर फैली कबाड़ सामग्री, गंदगी और संभावित विद्युत खतरे को लेकर लोगों में चिंता है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए प्रशासन को किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
कबाड़खाने को आबादी क्षेत्र से हटाने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि राजीव वार्ड स्थित कबाड़ दुकान का स्थल निरीक्षण कराया जाए। सड़क पर फैले कबाड़ को हटवाने के साथ दुकान के संचालन से संबंधित नियमों की जांच की जाए।
रहवासियों ने आबादी एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में संचालित कबाड़खाने को सुरक्षा की दृष्टि से उचित स्थान पर स्थानांतरित कराने की भी मांग की है।
इसके साथ ही नागरिकों ने नगर में अन्य स्थानों पर संचालित कबाड़ दुकानों की भी जांच किए जाने की मांग उठाई है, ताकि यह पता चल सके कि वहां निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
विद्युत, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर विद्युत सुरक्षा, स्वच्छता, अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की संयुक्त रूप से जांच की जाए।
नागरिकों का कहना है कि कबाड़ व्यवसाय करने वालों को निर्धारित नियमों के तहत ही अपना कारोबार संचालित करना चाहिए और सार्वजनिक सड़क या आवागमन वाले स्थान पर कबाड़ सामग्री फैलाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल दो गायों की मौत की घटना ने नगर में आबादी क्षेत्र में संचालित कबाड़ दुकानों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में स्थल निरीक्षण कर क्या कार्रवाई करता है।







