नरसिंहपुर में चक्काजाम पर सख्ती: सड़क हादसों के विरोध में अब सड़क जाम करना होगा गैरकानूनी, जिला दंडाधिकारी ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश
नरसिंहपुर प्रशासन ने सड़क हादसों के बाद होने वाले चक्काजाम पर सख्त रुख अपनाया है। जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने 60 दिनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए सड़क जाम, भीड़ जुटाने और सोशल मीडिया पर उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

नरसिंहपुर। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों और उनके बाद सड़कों पर होने वाले चक्काजाम को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला दंडाधिकारी श्रीमती रजनी सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत नरसिंहपुर जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में सड़कों पर चक्काजाम और भीड़ एकत्र करने पर रोक लगा दी है।
जारी आदेश के अनुसार अब जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद मुख्य मार्गों, चौराहों या सार्वजनिक सड़कों पर आवागमन बाधित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के विरोध में कानून व्यवस्था हाथ में लेकर सड़क जाम करना अनुचित और गैरकानूनी माना जाएगा।
सोशल मीडिया पर उकसाने वालों पर भी होगी कार्रवाई
आदेश में यह भी कहा गया है कि व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से चक्काजाम के लिए लोगों को उकसाना, अफवाह फैलाना या भीड़ जुटाने का प्रयास करना भी प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा लाउडस्पीकर या मौखिक रूप से लोगों को सड़क जाम के लिए प्रेरित करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
60 दिनों तक लागू रहेगा आदेश
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी यह आदेश 26 मई 2026 से आगामी 60 दिनों तक जिलेभर में प्रभावशील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इनमें लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और लोक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने जैसी धाराएं शामिल हैं।
एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाएं होती हैं प्रभावित
प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सड़क जाम होने से एम्बुलेंस, फायर बिग्रेड और पुलिस वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे गंभीर मरीजों और घायलों की जान खतरे में पड़ जाती है। इसके अलावा स्कूली बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जिले में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के बाद कई बार घंटों तक चक्काजाम की स्थिति बनी रही, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए यह निर्णय लिया है।
प्रशासन ने कहा- राहत देने को हमेशा तैयार
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के मामलों में पीड़ित परिवारों को वैधानिक सहायता, अंतरिम राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन हमेशा तत्पर रहता है। लेकिन कानून हाथ में लेकर सड़क जाम करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
प्रशासन के इस फैसले के बाद जिलेभर में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आमजन की आवाज दबाने वाला फैसला भी मान रहे हैं।







