गुरु पूर्णिमा पर गाडरवारा के ओशो लीला आश्रम में तीन दिवसीय ध्यान शिविर, 27 से 30 जुलाई तक होंगे आध्यात्मिक आयोजन
गाडरवारा के ओशो लीला आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर 27 से 30 जुलाई तक तीन दिवसीय ध्यान शिविर आयोजित होगा। शिविर में विभिन्न ध्यान विधियां, सत्संग, ओशो प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे।

गाडरवारा। विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक एवं आध्यात्मिक गुरु ओशो रजनीश की कर्मस्थली माने जाने वाले ओशो लीला आश्रम, गाडरवारा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तीन दिवसीय ध्यान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर 27 जुलाई की संध्या से प्रारंभ होकर 30 जुलाई 2026 को सम्पन्न होगा। शिविर का आयोजन स्वामी ध्यान आकाश एवं स्वामी आनंद नारायण के संयुक्त सान्निध्य में किया जाएगा।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार शिविर में स्थानीय सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से ओशो संन्यासी एवं ध्यान साधक शामिल होंगे। तीन दिनों तक आश्रम परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा, ध्यान और आत्मचिंतन के वातावरण से सराबोर रहेगा।
विभिन्न ध्यान विधियों का होगा अभ्यास
शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल से ही विभिन्न ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें सक्रिय ध्यान (डायनेमिक मेडिटेशन), नादब्रह्म ध्यान, विपश्यना ध्यान, कुंडलिनी ध्यान सहित अनेक ध्यान विधियों का अभ्यास कराया जाएगा।
संध्याकाल में व्हाइट रोब ब्रदरहुड मेडिटेशन, सत्संग, ओशो प्रवचन माला का श्रवण, भजन-कीर्तन, नृत्य एवं आनंद उत्सव का आयोजन होगा। रात्रि 9 बजे तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में सहभागी साक्षी भाव के साथ ध्यान एवं आध्यात्मिक अनुभवों का रसास्वादन करेंगे।
गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व
आयोजकों के अनुसार गुरु पूर्णिमा आत्मचिंतन, साधना और गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर आयोजित ध्यान शिविर का उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति, आत्मिक ऊर्जा और सकारात्मक जीवन शैली की ओर प्रेरित करना है।
ओशो की शिक्षाओं पर होगा मंथन
शिविर के दौरान ओशो की आध्यात्मिक शिक्षाओं, ध्यान दर्शन और जीवन के विभिन्न आयामों पर भी चर्चा होगी। आयोजकों का कहना है कि ओशो ने ध्यान को जीवन का उत्सव बताया है और उनकी ध्यान पद्धतियां आज भी विश्वभर में लाखों लोगों को आंतरिक शांति और आत्मबोध का मार्ग दिखा रही हैं।
मीडिया प्रभारी ने दी जानकारी
ओशो लीला आश्रम के मीडिया प्रभारी स्वामी राजेश नीरस ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस विशेष ध्यान शिविर में स्थानीय एवं बाहरी ओशो संन्यासियों के साथ-साथ आम नागरिक भी भाग ले सकेंगे। उन्होंने सभी ध्यान साधकों एवं आध्यात्मिक जिज्ञासुओं से शिविर में शामिल होकर ध्यान और आत्मिक जागरण के इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।







