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बरमान रेत घाट पर हंगामा: नरसिंहपुर जिला पंचायत CEO का वीडियो वायरल, पुजारी से गाली-गलौज और मारपीट का आरोप

वायरल वीडियो में जिला पंचायत CEO और सुरक्षाकर्मी लोगों से मारपीट करते दिखे, ब्राह्मण समाज ने कलेक्टर–SP से की निष्पक्ष जांच की मांग

नरसिंहपुर।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरमान रेत घाट से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और सुरक्षाकर्मी नर्मदा घाट पर मौजूद लोगों से कथित तौर पर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

वायरल वीडियो और आरोपों के अनुसार, जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश पर बरमान रेत घाट पर कथा एवं पूजन कार्य करने वाले पुजारी पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा से गाली-गलौज और धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो में सीईओ द्वारा कथित रूप से यह कहते सुना जा रहा है कि,
“जितना ऊपर दिख रहे हो, उतना ही जमीन में गड़वा दूंगा।”

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिले के पुजारी वर्ग और ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

धार्मिक आयोजन के दौरान हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के गृह जिले नरसिंहपुर से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि धार्मिक आयोजनों की तैयारियों को लेकर जिला पंचायत सीईओ लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। शनिवार सुबह वे बरमान रेत घाट पहुंचे थे, इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

पंडित कैलाश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है कि सीईओ ने उनके साथ अभद्रता की, अपशब्द कहे, धमकी दी और कथित तौर पर दंड बैठक भी लगवाई। पीड़ित का यह भी कहना है कि मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिसका दृश्य वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

बरमान रेत घाट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

जांच की मांग

घटना के बाद जिले के पुजारी और ब्राह्मण समाज में गहरा रोष है। सोमवार को ब्राह्मण सनातन पुजारी कर्मकांडी ब्राह्मण महासंघ के पदाधिकारियों एवं पुजारियों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अब सभी की नजरें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, खासतौर पर तब जब मामला प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के गृह जिले से जुड़ा हुआ है।

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