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गुजरात में भूपेंद्र पटेल की नई टीम बनी: 26 मंत्रियों ने ली शपथ, 19 नए चेहरे शामिल; हर्ष संघवी डिप्टी सीएम, रिवाबा जडेजा को भी मिला मौका

गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार की नई टीम बनी। 26 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें 19 नए चेहरे शामिल हैं। हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम और रिवाबा जडेजा को भी मिला पद।

गांधीनगर। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की नई कैबिनेट ने शुक्रवार को शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में कुल 26 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 19 नए चेहरे और 3 महिलाएं शामिल हैं।

सबसे पहले हर्ष संघवी ने शपथ ली, जिन्हें अब राज्य का डिप्टी सीएम बनाया गया है। पहले वे गृह मंत्री के पद पर थे। वहीं, क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को भी मंत्री पद मिला है, जिससे यह फेरबदल खासा चर्चा में है।

नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है।
पटेल समाज से मुख्यमंत्री समेत 8 मंत्री बनाए गए हैं, OBC वर्ग से 8, SC से 3, ST से 4 और 3 महिलाएं शामिल हैं।

इससे पहले गुरुवार को राज्य मंत्रिमंडल के 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था, जिससे नए चेहरों के लिए रास्ता खुल गया। माना जा रहा है कि यह फेरबदल 2027 विधानसभा चुनाव और आने वाले लोकल बॉडी चुनावों की रणनीति का हिस्सा है।

गुजरात में भूपेंद्र पटेल की नई टीम बनी: 26 मंत्रियों ने ली शपथ, 19 नए चेहरे शामिल; हर्ष संघवी डिप्टी सीएम, रिवाबा जडेजा को भी मिला मौका Janta express live

फेरबदल की 5 बड़ी वजहें

  1. स्ट्रेटेजिक रीसेट: भाजपा ने तीन साल में पूरी टीम बदल दी ताकि नई ऊर्जा के साथ सरकार आगे बढ़े।
  2. कमजोर प्रदर्शन: कुछ मंत्रियों की परफॉर्मेंस कमजोर थी, इसलिए नए चेहरों को मौका मिला।
  3. जातीय संतुलन: पटेल समुदाय और अन्य वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश।
  4. लोकल इलेक्शन की तैयारी: हालिया उपचुनाव में हार के बाद संगठन को मजबूत करने की रणनीति।
  5. संविधानिक सीमा का उपयोग: 182 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 26 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए टीम का दायरा बढ़ाया गया।

भूपेंद्र पटेल का तीसरा मंत्रिमंडल

भूपेंद्र पटेल पहली बार सितंबर 2021 में सीएम बने थे, जब विजय रूपाणी को पद से हटाया गया था। दूसरी बार उन्होंने 12 दिसंबर 2022 को विधानसभा चुनाव जीतने के बाद शपथ ली थी।
अब तीसरी बार उन्होंने अपनी नई कैबिनेट का गठन किया है, जिसमें संगठन, सामाजिक समीकरण और चुनावी रणनीति को प्राथमिकता दी गई है।

 

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