शादी के कार्ड ने उड़ाए ₹4.39 लाख! नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर ठगों के मंसूबों पर फेरा पानी, पूरी रकम कराई वापस
डिजिटल इनविटेशन खोलते ही हैक हुआ मोबाइल, 16 ट्रांजेक्शन में खाते से निकाली गई रकम; साइबर सेल की तत्परता से बची मेहनत की कमाई

नरसिंहपुर। डिजिटल युग में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। नरसिंहपुर जिले में ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के डिजिटल इनविटेशन (वेडिंग कार्ड) के नाम पर भेजे गए एक लिंक ने व्यक्ति के बैंक खाते को खाली कर दिया। ठगों ने मोबाइल हैक कर खाते से 4 लाख 39 हजार रुपये की बड़ी रकम निकाल ली। हालांकि नरसिंहपुर पुलिस और साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित को उसकी पूरी राशि वापस मिल गई।
जानकारी के अनुसार पीड़ित के मोबाइल पर एक शादी का डिजिटल निमंत्रण भेजा गया था। लिंक खोलते ही मोबाइल फोन साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंच गया। इसके बाद ठगों ने बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाकर खाते से अलग-अलग माध्यमों से कुल 16 ट्रांजेक्शन किए और ₹4.39 लाख की राशि निकाल ली।
जब पीड़ित को खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए। उसने तत्काल नरसिंहपुर पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।
तकनीकी जांच से खुला ठगी का पूरा नेटवर्क
साइबर सेल की टीम ने शिकायत मिलते ही डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैंकिंग रिकॉर्ड और मोबाइल गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि ठगों ने एक फर्जी डिजिटल इनविटेशन के जरिए मोबाइल में सेंध लगाई थी और उसके बाद बैंक खाते से राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दी थी।
साइबर विशेषज्ञों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से संपर्क किया। ट्रांजेक्शनों को ट्रैक कर संदिग्ध खातों को चिन्हित किया गया और समय रहते राशि को फ्रीज कराया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने पूरे 4.39 लाख रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की।
पुलिस की तत्परता से बची मेहनत की कमाई
साइबर सेल की इस सफलता से पीड़ित और उसके परिवार ने राहत की सांस ली। पीड़ित ने पुलिस की सक्रियता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। यदि शिकायत दर्ज कराने में देर होती तो पूरी राशि वापस मिलना मुश्किल हो सकता था।
शादी का कार्ड, नौकरी का ऑफर और KYC अपडेट बन रहे ठगी के नए हथियार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी शादी के निमंत्रण, नौकरी के ऑफर, बिजली बिल, बैंक KYC अपडेट, कूरियर डिलीवरी और लॉटरी जैसे आकर्षक संदेशों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। जैसे ही व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है, उसकी निजी और बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ जाती है।
नरसिंहपुर पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि—
- किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- डिजिटल इनविटेशन, APK फाइल या अज्ञात ऐप डाउनलोड करने से बचें।
- OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड और CVV किसी के साथ साझा न करें।
- बैंक खाते से संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।
- साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि “साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है।” समय पर शिकायत और त्वरित कार्रवाई से ही ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।







