एमआईएमटी कॉलेज नरसिंहपुर का 28वां स्थापना दिवस: ‘पीड़ित मानवता की सेवा परम धर्म है’, पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर का प्रेरक संदेश
विधिक सहायता केंद्र और नवीनीकृत मूट कोर्ट हॉल का हुआ शुभारंभ, स्वर्ण पदक विजेताओं व विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का सम्मान

नरसिंहपुर। जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एमआईएमटी (MIMT) कॉलेज, नरसिंहपुर का 28वां स्थापना दिवस शनिवार को गरिमामय वातावरण में उत्साहपूर्वक मनाया गया। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं कृषि रत्न स्वर्गीय सुंदर नारायण मुशरान की स्मृति तथा पूर्व वित्त मंत्री स्वर्गीय कर्नल अजय नारायण मुशरान के मार्गदर्शन में स्थापित इस संस्थान के स्थापना दिवस पर शिक्षा, समाजसेवा, विधिक जागरूकता और मानव सेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर, संस्थापक माधवराव सप्रे संग्रहालय, भोपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने की, जबकि वरिष्ठ समाजसेवी पंडित मैथिली शरण तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के चेयरमैन इंजी. रुद्रेश तिवारी, प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार गर्ग, शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह मुशरान पार्क में स्वर्गीय श्याम सुंदर नारायण मुशरान की प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
“पीड़ित मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” – पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर
मुख्य अतिथि पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “पीड़ित मानवता की सेवा ही परम धर्म है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने नरसिंहपुर जिले की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए एमआईएमटी कॉलेज द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
शिक्षा संस्कारों का निर्माण करती है – कैलाश सोनी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और संस्कारों का निर्माण करती है। उन्होंने कहा कि एमआईएमटी कॉलेज पिछले 28 वर्षों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी विद्यार्थियों में विकसित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
शिक्षा के महत्व पर दिया विशेष जोर
विशिष्ट अतिथि पं. मैथिली शरण तिवारी ने संस्था की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने संस्थान की निरंतर प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधिक सहायता केंद्र और मूट कोर्ट हॉल का शुभारंभ
स्थापना दिवस के अवसर पर एमआईएमटी लॉ कॉलेज में विधिक सहायता केंद्र तथा नवीनीकृत मूट कोर्ट हॉल का शुभारंभ किया गया। अतिथियों ने कहा कि इससे कानून के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्राप्त होगा।
रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की एनसीसी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा रक्तदान शिविर एवं रक्त परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
डी.लिट. उपाधि प्राप्त विद्वानों का सम्मान
इस अवसर पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा डी.लिट. की उपाधि से सम्मानित पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर एवं डॉ. गजानन मिश्रा का संस्था की ओर से विशेष सम्मान किया गया।
स्वर्ण पदक विजेताओं को किया सम्मानित
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं शीतल सिलावट, आरती पटेल, पूना बाई सेन और आशीष ठाकुर को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों को महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिला सम्मान
स्थापना दिवस समारोह में जिले के कृषि, साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, अभियांत्रिकी, विधि, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा और व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नागरिकों को दिवंगत विभूतियों की स्मृति में सम्मानित किया गया। इस दौरान अमर शहीद आशीष शर्मा के परिजनों सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को स्मृति सम्मान प्रदान किए गए।
बड़ी संख्या में गणमान्यजन रहे उपस्थित
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आराधना दुबे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार गर्ग ने व्यक्त किया। समारोह में प्रो. सी.एस. तिवारी, डॉ. अनंत दुबे, सुरेंद्र पटेल (मंझले भैया), इंजी. सुनील कोठारी, डॉ. संजीव चांदोरकर, डॉ. सुधीर सिंघई, एड. राहुल सिंह, पत्रकार संजय जैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद्, समाजसेवी, महाविद्यालय का स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







