पेटलावद थाना विवाद में नया मोड़: दूसरे पक्ष ने पुलिस पर लगे आरोपों को बताया झूठा
“पुलिस ने नहीं की मारपीट, विवाद को लेकर लगाए जा रहे निराधार आरोप” — दूसरे पक्ष का दावा

संवाददाता रमेश कुमार सोलंकी
पेटलावद। पेटलावद थाना क्षेत्र में पुलिस पर लगाए गए मारपीट और रिश्वतखोरी के आरोपों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मामले में दूसरे पक्ष के लोग खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
दूसरे पक्ष का कहना है कि थाना पुलिस ने किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि केवल आपसी विवाद को शांत कराने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया था।
विवाद के बाद पहुंचा मामला थाने
मामले में दूसरे पक्ष के सुनील भूरिया, भागीरथ गुलाबचंद भूरिया एवं भीमा महेश चारेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि उनका पहले पक्ष के लोगों से आपसी विवाद हुआ था।
उनके अनुसार विवाद के दौरान पहले पक्ष द्वारा जबरन झगड़ा किया गया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने केवल स्थिति संभाली – दूसरा पक्ष
दूसरे पक्ष के लोगों का कहना है कि पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और विवाद शांत कराने का कार्य किया था। थाना पुलिस द्वारा किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पक्ष द्वारा पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप केवल दबाव बनाने और मामले को दूसरी दिशा देने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
CCTV जांच की मांग
दूसरे पक्ष ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि थाना परिसर के CCTV फुटेज और अन्य तथ्यों की जांच की जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
पहले पक्ष ने लगाए थे गंभीर आरोप
गौरतलब है कि इससे पहले ग्राम ठिकरिया निवासी दो भाइयों द्वारा पेटलावद थाना प्रभारी और पुलिस कर्मचारियों पर मारपीट एवं रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
अब दूसरे पक्ष ने उन आरोपों को असत्य और भ्रामक बताते हुए कहा है कि कुछ असामाजिक और असंतुष्ट लोग थाना प्रभारी एवं पुलिस की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।







