खबर का असर: जनता एक्सप्रेस लाइव की खबर के बाद हरकत में आया आरटीओ विभाग, सड़क पर उतरे अधिकारी
50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लगाए गए रेडियम रिफ्लेक्टर, किसानों के बीच पहुंचा प्रशासन

संवाददाता राकेश पटेल एक्का
नर्मदापुरम। आखिरकार खबर का असर दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों से आरटीओ विभाग की निष्क्रियता और अधिकारियों की जमीनी गैरमौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब विभाग अचानक एक्शन मोड में नजर आया। जनता एक्सप्रेस लाइव पर संवाददाता राकेश पटेल “इक्का” द्वारा खबर प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।
बुधवार को कुलमाड़ी रोड स्थित मां नर्मदा वेयरहाउस परिसर में आरटीओ विभाग ने सड़क सुरक्षा अभियान चलाते हुए 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर निःशुल्क रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए।
लगातार उठ रहे थे सवाल
हाल ही में सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर यह सवाल जोर पकड़ रहा था कि जब कलेक्टर और एसपी स्वयं सड़क पर उतरकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, तो परिवहन विभाग आखिर मैदान में क्यों दिखाई नहीं दे रहा।
इन खबरों और चर्चाओं के बाद अब विभाग की सक्रियता अचानक बढ़ती नजर आ रही है।

किसानों और वाहन चालकों को दी समझाइश
अभियान के दौरान अधिकारियों ने किसानों और ट्रैक्टर चालकों को बताया कि रात के समय बिना रेडियम और संकेतकों वाले वाहन गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर लगने से वाहन दूर से दिखाई देंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
किसानों ने कहा – पहली बार दिखी ऐसी पहल
मौके पर मौजूद किसानों ने भी माना कि पहली बार आरटीओ विभाग सीधे वेयरहाउस और खेत-खलिहान तक पहुंचकर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर दिखाई दिया।
किसानों का कहना है कि यदि इस तरह नियमित अभियान चलते रहे तो हादसों में काफी कमी आ सकती है।
सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर सख्ती
आरटीओ अधिकारियों ने मां नर्मदा वेयरहाउस प्रबंधन को निर्देश दिए कि रात के समय सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को परिसर के अंदर ही खड़ा कराया जाए। सड़क किनारे खड़े भारी वाहन कई बार गंभीर दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं।
“खबर का असर” बना चर्चा का विषय
नर्मदापुरम में इस कार्रवाई को अब सिर्फ एक सामान्य अभियान नहीं, बल्कि “खबर का असर” माना जा रहा है। शहर में चर्चा है कि मीडिया और जनता के सवालों के बाद विभाग अब “एक्शन और विजिबिलिटी मोड” में आ गया है।
यह अभियान यह संकेत भी देता है कि अब प्रशासन जनता और मीडिया द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है।







