राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानव अधिकारों पर रखे विचार, गाडरवारा में हुई विशेष परिचर्चा
गाडरवारा के हीरा पार्क में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने मानव अधिकार, शिक्षा, रोजगार, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर आयोजित परिचर्चा में अपने विचार रखे।

गाडरवारा। नगर के हीरा पार्क में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के आगमन पर मानव अधिकारों विषयक एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मानव अधिकारों के संरक्षण, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अपने संबोधन में प्रियंक कानूनगो ने कहा कि मानव अधिकार प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और इन अधिकारों की रक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी केवल शासन-प्रशासन की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की भी है। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक और संवेदनशील व्यवस्था मिलकर ही एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज का निर्माण कर सकते हैं।
उन्होंने गाडरवारा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु ओशो और महर्षि महेश योगी की कर्मभूमि रहा है। ऐसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत क्षेत्र के विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर संसाधनों और संभावनाओं का समुचित उपयोग किया जाए तो गाडरवारा विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
प्रियंक कानूनगो ने चीचली क्षेत्र के प्रसिद्ध पीतल उद्योग का भी उल्लेख किया और कहा कि यह उद्योग स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। उन्होंने स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
परिचर्चा के दौरान मानव अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने शिक्षा के अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तथा सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने के उपायों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश महिला आयोग की सदस्य साधना स्थापक, नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रियांक जैन ने किया।
इस अवसर पर आयोजकों ने मानव अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित करने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रियांक जैन एवं उनके युवा साथियों द्वारा किया गया।







