नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन! बाइक चोर निकला हत्या का फरार आरोपी, कोतवाली पुलिस ने दबोचा

राकेश एक्का की रिपोर्ट | नर्मदापुरम
नर्मदापुरम में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक समय ऐसा था जब वाहन चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देते थे और लोगों को लगता था कि चोरी के बाद वाहन मिलना मुश्किल है। लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो केवल बाइक चोरी ही नहीं बल्कि हत्या के मामले में भी फरार चल रहा था।
इस कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा तेज हो गई है कि अब नर्मदापुरम में अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं रह गया है।
बाइक चोरी से शुरू हुई जांच, हत्या आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामला मोरछली चौक क्षेत्र से चोरी हुई एक मोटरसाइकिल से शुरू हुआ। आमतौर पर लोग ऐसी घटनाओं में वाहन मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन कोतवाली पुलिस ने इस चोरी को गंभीरता से लिया और इसे चुनौती मानकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं एसडीओपी जितेंद्र पाठक के निर्देशन में थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की।
मुखबिर, लोकेशन और फिर दबिश
पुलिस ने तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई। 14-15 मई की रात पुलिस टीम ने मंडीदीप की बिहारी कॉलोनी में दबिश दी, जहां से आरोपी आरिफ शाह उर्फ गोल्डी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बाइक के संबंध में जानकारी दी और वाहन भी बरामद कर लिया गया। लेकिन जांच में असली सनसनी तब फैली जब पता चला कि आरोपी छिंदवाड़ा जिले के एक हत्या प्रकरण में भी फरार चल रहा था।
“अपराध करोगे तो बचोगे नहीं”
इस कार्रवाई के बाद नर्मदापुरम पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि चाहे आरोपी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कोतवाली पुलिस की सक्रियता बढ़ी है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे शहर में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
टीम की भूमिका रही अहम
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार मेहनत की। आरोपी तक पहुंचने और उसे गिरफ्तार करने में उपनिरीक्षक विशाल नागवे, प्रधान आरक्षक रितेश यदुवंशी, आरक्षक पंकेश और गजेंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर अन्य मामलों में भी जानकारी जुटा रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में और भी कई खुलासे हो सकते हैं।







