सालीचौका में माकपा की नुक्कड़ सभा, खेती-बचाओ और रोजगार-बचाओ अभियान के तहत किया प्रदर्शन
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने सालीचौका में देश बचाओ, खेती बचाओ, रोजगार बचाओ अभियान के तहत नुक्कड़ सभा और प्रदर्शन किया। किसानों, बिजली, सड़क, MSP और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई गई।

संवाददाता अवधेश चौकसे
सालीचौका (नरसिंहपुर)। मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) नरसिंहपुर द्वारा प्रदेशव्यापी “देश बचाओ, खेती बचाओ, रोजगार बचाओ” अभियान के तहत शुक्रवार को सालीचौका में नुक्कड़ सभा, पर्चा वितरण एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत पार्टी कार्यकर्ता 20 मई से लगातार गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर पर्चे वितरित कर रहे हैं तथा आम जनता की समस्याओं को एकत्रित कर रहे हैं।
सालीचौका के मुख्य बाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच पहुंचकर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाया और सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
माकपा नेताओं ने बताया कि यह अभियान आगामी 5 जून तक जारी रहेगा, जिसका समापन गाडरवारा में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर किया जाएगा।
प्रमुख मांगें
सभा के दौरान किसानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। इनमें प्रमुख रूप से मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी, रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता, टोकन प्रणाली समाप्त करने, स्मार्ट मीटर योजना बंद करने, किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने, ओवरलोड रेत डंपरों के संचालन पर नियंत्रण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल और विद्युत सुविधाओं का विस्तार करने तथा अधिग्रहित भूमि के प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
माकपा ने गांव-गांव में अवैध शराब, जुआ और सट्टे पर रोक लगाने, पंचायतों में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच कराने तथा अतिक्रमण प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी रखी।
एमएसपी वृद्धि का किया विरोध
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में हुई वृद्धि को अपर्याप्त बताते हुए उसका विरोध किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से एमएसपी संबंधी प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया गया।
माकपा नेताओं का कहना था कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए और कृषि लागत के अनुरूप समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।
सभा के अंत में पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और 5 जून को गाडरवारा में ज्ञापन सौंपकर अभियान का समापन किया जाएगा।







