नरसिंहपुर में कांग्रेस की प्रेस वार्ता: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय – सुनीता पटेल
नरसिंहपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनीता पटेल ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर नरसिंहपुर जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सुनीता पटेल ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
श्रीमती सुनीता पटेल ने कहा कि यह मामला केवल एक प्रत्याशी का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी उम्मीदवारों को विवादित और तकनीकी आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर किया जाएगा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे।
“लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव सर्वोपरि” – मैथिलीशरण तिवारी
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री मैथिलीशरण तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी प्रत्याशियों के साथ अन्याय होगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति होगी। कांग्रेस पार्टी सत्य और न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
कांग्रेस ने उठाए ये प्रमुख सवाल
कांग्रेस पार्टी ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण को लेकर कई गंभीर कानूनी और संवैधानिक प्रश्न खड़े होते हैं।
1. प्रतिवादी और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग
कांग्रेस का दावा है कि जिस निजी परिवाद (Private Complaint) का उल्लेख किया गया, उसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं बल्कि प्रतिवादी (Respondent) के रूप में दर्शाया गया है। पार्टी के अनुसार दोनों की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है और इन्हें समान मानकर की गई व्याख्या गंभीर कानूनी प्रश्न उत्पन्न करती है।
2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की भावना का उल्लंघन
कांग्रेस का कहना है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A और फॉर्म-26 का उद्देश्य उन मामलों का खुलासा करना है, जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्यवाही चल रही हो। पार्टी के अनुसार नामांकन निरस्त करने का आधार इन प्रावधानों की मूल भावना से मेल नहीं खाता।
3. भविष्य में बढ़ सकती है अनिश्चितता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि स्पष्ट रूप से अपेक्षित न होने वाले आधारों पर नामांकन निरस्त किए जाते हैं, तो भविष्य में किसी भी उम्मीदवार के लिए मनमानी और अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो सकती है।
4. निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आत्मा
प्रेस वार्ता में कहा गया कि लोकतंत्र केवल मतदान की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को समान अवसर, निष्पक्ष व्यवहार और कानून के समक्ष समान संरक्षण प्रदान करने की व्यवस्था का नाम है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि विपक्षी उम्मीदवारों को तकनीकी आधारों पर चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जाने लगे, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा होगा।
“संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा”
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन जैसी जनसेवा और वैचारिक प्रतिबद्धता वाली नेता को चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संविधान की भावना, निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
प्रेस वार्ता में रहे उपस्थित
प्रेस वार्ता में गाडरवारा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश सैनी, नरसिंहपुर नगर कांग्रेस अध्यक्ष रोहित पटेल, गाडरवारा मंडल अध्यक्ष संजय कौरव सहित कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







