तेंदूखेड़ा SDM कार्यालय में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा
30 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया स्टेनो, EOW जबलपुर की कार्रवाई से मचा हड़कंप

संवाददाता पूजा मालवीय
नरसिंहपुर। जिले के तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो सौरभ यादव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई, जिसने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉलोनाइजर रिपोर्ट के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार तेंदूखेड़ा निवासी संजय राय ने ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कॉलोनाइजर से संबंधित रिपोर्ट टीएनसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) को भेजने और स्थल निरीक्षण रिपोर्ट लगाने के एवज में एसडीएम कार्यालय द्वारा लगातार टालमटोल की जा रही थी।
आरोप है कि इस काम को आगे बढ़ाने के लिए एसडीएम कार्यालय में पदस्थ स्टेनो सौरभ यादव द्वारा 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी ईओडब्ल्यू को दी, जिसके बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया।
EOW ने बिछाया ट्रैप, रिश्वत लेते ही दबोचा
शिकायत सही पाए जाने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर की टीम ने गुरुवार 14 मई 2026 को तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
बताया जा रहा है कि जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी स्टेनो को रिश्वत की राशि सौंपी, उसी दौरान पहले से मौजूद ईओडब्ल्यू टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने आरोपी सौरभ यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों दफ्तरों के चक्कर काटते हैं और कई मामलों में बिना “लेन-देन” के फाइलें आगे नहीं बढ़तीं।
तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में हुई इस कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब भ्रष्टाचार के मामलों पर निगरानी एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।







