गाडरवारा के मोहित चौधरी को मिला ‘महा एक्यूपंक्चर रत्न पुरस्कार-2026’, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया शहर का गौरव

गाडरवारा (नरसिंहपुर)। गाडरवारा के युवा एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ चौधरी मोहित सिंह को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘महा एक्यूपंक्चर रत्न पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें आयुष इंटरनेशनल मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। यह सम्मान मिलने से गाडरवारा सहित पूरे नरसिंहपुर जिले में खुशी का माहौल है।
यह भव्य सम्मान समारोह 19 जुलाई 2026 (रविवार) को यशवंतराव चव्हाण नाट्यगृह, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद, महाराष्ट्र) में आयोजित किया गया। समारोह में देशभर से चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ, आयुष चिकित्सक और स्वास्थ्य जगत से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मराठी फिल्म कलाकार डॉ. सुयोग गोरहे, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट नाज़र काज़ी, आयुष इंटरनेशनल मेडिकल एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. सतीश कराले तथा वाइस चेयरमैन डॉ. नितिनराजे पाटिल मौजूद रहे। अतिथियों ने चौधरी मोहित सिंह को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।

20 वर्षों से दे रहे हैं मरीजों को नई जिंदगी
गाडरवारा के झंडा चौक निवासी चौधरी मोहित सिंह, पिता लाल कुंवर चौधरी, वर्तमान में भोपाल और मुंबई में अपनी चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग 20 वर्षों से एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
उन्होंने पुराने और असहनीय दर्द, न्यूरोलॉजिकल विकार, मांसपेशियों की समस्याओं तथा अन्य कई जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हजारों मरीजों को राहत दिलाई है। उनके शोध, अनुभव और सफल उपचारों को देखते हुए उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया।
प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने का प्रयास
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि बिना दवाओं के प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में एक्यूपंक्चर तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऐसे विशेषज्ञों का समर्पण स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है, जो आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ा रहे हैं।
‘यह सम्मान मरीजों के विश्वास का है’
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद चौधरी मोहित सिंह ने कहा,
“यह पुरस्कार केवल मेरा सम्मान नहीं, बल्कि उन हजारों मरीजों के विश्वास का सम्मान है जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। एक्यूपंक्चर केवल उपचार नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक हीलिंग शक्ति को जागृत करने का विज्ञान है। भारत सरकार द्वारा एक्यूपंक्चर को स्वतंत्र चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता मिलने के बाद इस क्षेत्र की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। मेरा प्रयास है कि यह थेरेपी हर उस व्यक्ति तक पहुंचे जो लंबे समय से दर्द और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है।”
गाडरवारा के लिए गौरव का क्षण
चौधरी मोहित सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान पर गाडरवारा और नरसिंहपुर जिले के सामाजिक, चिकित्सा एवं विभिन्न संगठनों के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया। उनके इस सम्मान से गाडरवारा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर गौरवान्वित हुआ।







